आईवीएफ की सफलता दर को और बेहतर बनाएगी नई तकनीक

निःसंतान दंपतियों के लिए सहायक प्रजनन तकनीक आईवीएफ उम्मीद की एक किरण है, लेकिन इस तकनीक की सफलता की राह में कुछ चुनौतियां भी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिकों ने एमपीटीएक्स (mPTX) या एमपीटैक्स नाम का एक लघु कार्बनिक अणु (स्मॉल आर्गेनिक मॉलिक्यूल) का डिजाइन तैयार किया है, जो इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) प्रक्रिया की सफलता में अहम भूमिका निभाने वाले स्पर्म की क्षमताओं को बेहतर बनाती है।

कोरोना की चौथी वैक्सीन ‘जायकोव-डी’ को आपातकालीन मंजूरी जल्द

कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए देश में युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों में ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है तो वहीं, दूसरी तरफ यह प्रयास भी किए जा रहे हैं कि अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई जा सके। ऐसा इसलिए क्योंकि वैक्सीन ही एकमात्र ऐसा हथियार है, जो कोरोना वायरस के प्रभाव को कम कर सकता है।

दिल्ली में प्रदूषण पराली से बढ़ा या उद्योगों से, मिलेगी सटीक जानकारी

सर्दियों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत और विशेषकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली केवल ठंड से ठिठुरन की चपेट में ही नहीं आती, बल्कि इस दौरान बढ़े वायु-प्रदूषण की समस्या भी इन इलाकों को खासा परेशान करती है। यहां तक कि अदालतें भी सर्दियों के दौरान दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा की तुलना गैस चैंबर से कर चुकी हैं।सर्दियों के साथ आने वाली इस चुनौती से निपटने के लिए मौसम वैज्ञानिकों ने एक डिसिजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) विकसित किया है। इससे न केवल दिल्ली और अन्य शहरों के प्रदूषण के स्रोतों को लेकर सटीक जानकारी उपलब्ध हो सकेगी, बल्कि सर्दियों के लिए एक व्यावहारिक परिदृश्य का अनुमान लगाना भी आसान होगा। सिस्टम यह भी बताएगा कि प्रदूषण का कारण पंजाब और हरियाणा में जलाई जाने वाली पराली है या उद्योग और वाहनों से निकलने वाला धुआं।

इसरो की इस उपलब्धि पर पूरी दुनिया बोल उठी-वाह, एलन मस्क ने भी दी बधाई

अंतरिक्ष के क्षेत्र में देश को एक से बढ़कर एक उपलब्धियों से गौरवान्वित करने वाले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 14 जुलाई को एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। इस दिन इसरो ने गगनयान के विकास इंजन का तीसरा हॉट टेस्ट किया और यह परीक्षण पूरी तरह सफल रहा। परीक्षण के दौरान तमिलनाडु के महेंद्रगिरी स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्पलेक्स में इंजन को 240 सेकंड तक चलाया गया। मानव आधारित जीएसएलवी एमके3 मिसाइल पर के कोर एल110 लिक्विड स्टेज पर यह परीक्षण पूरा हुआ।

भारतीय वैज्ञानिकों की एक और उपलब्धि, सबसे चमकदार और दुर्लभ सुपरनोवा किया चिह्नित

अंतरिक्ष के रहस्य सुलझाने में जुटे नैनीताल स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के वैज्ञानिकों को हाल में एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। उन्होंने एक अत्यंत दुर्लभ सुपरल्यूमिनस सुपरनोवा (एसएन-2020 एएनके) खोज निकाला है। यह सुपरनोवा बेहद शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र के साथ दूसरे न्यूट्रॉन तारे से मिल रही ऊर्जा से चमक रहा है। यह खोज आकाशीय पिंडों के रहस्य सुलझाने में महत्वपूर्ण आधार बन सकता है। इसे भारतीय वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

आर्कटिक में बर्फ पिघलने के कारण सितंबर में हो रही ज्यादा बारिश

संपूर्ण विश्व इस समय ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से जूझ रहा है। ग्लोबल वार्मिंग के कारण धरती के तापमान में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है, जिसके कारण उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव पर मौजूद बर्फ लगातार पिघल रही है। नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओशन रिसर्च (एनसीपीओआर) ने अपने एक हालिया अध्ययन में कहा है कि आर्कटिक सागर के कारा क्षेत्र में गर्मियों के दौरान पिघल रही बर्फ, सितंबर माह के मध्य भारत में अत्यधिक बरसात की घटनाओं का कारण हो सकती है।

1 2 3