अंतरिक्ष में जैविक प्रयोग के लिए वैज्ञानिकों ने बनाया मॉड्यूलर उपकरण

भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के शोधकर्ताओं ने अंतरिक्ष में सूक्ष्मजीवों के संवर्द्धन के लिए एक मॉड्युलर उपकरण विकसित किया है। यह नया मॉड्युलर उपकरण बाहरी अंतरिक्ष में जैविक प्रयोग कार्यों में उपयोगी हो सकता है।

इसरो की इस उपलब्धि पर पूरी दुनिया बोल उठी-वाह, एलन मस्क ने भी दी बधाई

अंतरिक्ष के क्षेत्र में देश को एक से बढ़कर एक उपलब्धियों से गौरवान्वित करने वाले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 14 जुलाई को एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। इस दिन इसरो ने गगनयान के विकास इंजन का तीसरा हॉट टेस्ट किया और यह परीक्षण पूरी तरह सफल रहा। परीक्षण के दौरान तमिलनाडु के महेंद्रगिरी स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्पलेक्स में इंजन को 240 सेकंड तक चलाया गया। मानव आधारित जीएसएलवी एमके3 मिसाइल पर के कोर एल110 लिक्विड स्टेज पर यह परीक्षण पूरा हुआ।