बच्चों को ऐसे बचाएं कोरोना की तीसरी लहर से

देश में कोरोना की दूसरी लहर कमोबेश खत्म होने के बाद अब लोगों को तीसरी लहर की आशंका सताने लगी है। इसकी वजह है कि वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि देश में कोरोना की तीसरी लहर अवश्य आएगी, जिसका सबसे ज्यादा प्रभाव बच्चों पर पड़ सकता है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा और इलाज के लिए स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

देश में 85 फीसद खिलौने आयातित और प्लास्टिक निर्मित

केंद्रीय कपड़ा और महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन इरानी का कहना है कि खिलौने बच्चों की साइकोमोटर क्षमताओं को प्रभावित करते हैं। स्मृति-कौशल पर प्रभाव डालते हैं और बच्चे की भविष्य की स्वायत्तता सुनिश्चित करने की दिशा में उत्तरदायित्व की भावना जगाते हैं। लेकिन, चिंता का विषय यह है कि हमारे बच्चे जिन 85 प्रतिशत खिलौनों के साथ खेल रहे हैं, वे आयातित हैं और मुख्य रूप से प्लास्टिक से बने हैं। उन्होंने सलाह दी कि भारत अपनी अभियांत्रिकी क्षमता के लिए जाना जाता है। इसलिए प्रौद्योगिकीविदों को इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के लिए खिलौना क्षेत्र को नयी तकनीकों से लैस करना चाहिए।