हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन का हो सकेगा सटीक आकलन

भारतीय शोधकर्ताओं ने एक ऐसी पद्धति विकसित की है, जो हिमालयी क्षेत्र में ब्लैक कार्बन के सटीक आकलन और मौसम तथा जलवायु संबंधी पूर्वानुमानों के सुधार में मददगार हो सकती है।शोध पत्रिका ‘ एशिया पेसिफिक जर्नल ऑफ एटमॉस्फेरिक साइंसेज ’ में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार ब्लैक कार्बन (प्रदूषक तत्व) को ग्लोबल वार्मिंग बढ़ाने में कार्बन डाइ ऑक्साइड के बाद दूसरा सबसे बड़ा कारण माना जाता है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि हिमालयी क्षेत्र में ब्लैक कार्बन का सटीक आकलन ऑप्टिकल उपकरणों के उपयोग से संभव हो सकता है। यह पद्धति हिमालयी क्षेत्र के लिए मास एब्जॉर्प्शन क्रॉस-सेक्शन (एमएसी) नामक विशिष्ट मानदंड पर आधारित है।

झारखंड ग्रामीण बैंक की हर संभव होगी मदद : हेमंत

सेनानी संवाददाता, रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक के अधिकारियों ने गुरुवार को मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने बताया