शास्त्रों में इसलिए वर्जित है एक गोत्र में और घर के आसपास विवाह

सनातन धर्म में विवाह एक महत्वपूर्ण संस्कार है। विवाह दरअसल केवल वर-कन्या का ही नहीं, बल्कि दो परिवारों या यूं कहें कि दो खानदानों का मिलन होता है। इसलिए शादी-विवाह से पहले वर और वधू दोनों ही पक्ष कई सारी जांच-पड़ताल और औपचारिकताएं पूरी करते हैं। इनमें कुंडली मिलान के साथ ही एक-दूसरे का फैमिली बैकग्राउंड और गोत्र भी बहुत मायने रखता है। आज भी एक ही गोत्र में शादी से लोग परहेज करते हैं। अब तो मेडिकल साइंस ने भी प्रमाणित किया है कि एक ही गोत्र में शादी से उत्पन्न होने वाली संतान में जेनेटिक बीमारियों का खतरा रहता है। साथ ही प्राचीन समय में घर के आसपास यानी एक गांव या मुहल्ले में शादी से भी परहेज किया जाता था।

10 जून को लग रहा साल का पहला सूर्यग्रहण, जानें भारत में क्या होगा असर

साल 2021 का दूसरा ग्रहण सूर्यग्रहण होगा, जो 10 जून को लग रहा है। भारत में इसका आंशिक असर केवल मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में देखने को मिलेगा, लेकिन सूतक यहां भी नहीं लगेगा। इस तरह से देखा जाए तो इस ग्रहण का भारत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इससे पहले साल का पहला ग्रहण चंद्रग्रहण था, जो 26 मई को लगा था, लेकिन यह चूंकि भारत में नहीं दिखा था, इसलिए इसका भी सूतक नहीं लगा था।

26 मई को लगेगा साल का पहला चंद्रग्रहण, भारत में इसलिए नहीं लगेगा सूतक

26 मई को साल का पहला चंद्रग्रहण लगेगा। यह चंद्रग्रहण दोपहर करीब सवा तीन बजे शुरू होकर शाम सात बजकर 19 मिनट तक रहेगा। भारत के कुछ हिस्सों में 18 मिनट रहेगा, लेकिन इस दौरान दिन रहने के कारण देश में कहीं सूतक नहीं लगेगा।

आईआईटी रोपड़ ने बनाई मोबाइल शवदाह मशीन

यह मशीन शवदाह के लिए जरूरी लकड़ी की आधी मात्रा का ही इस्तेमाल करती है। साथ ही पर्यावरण के अनुकूल भी है। ठेलानुमा मशीन में पहिये लगे होने के कारण इसे कहीं भी लाया और ले जाया जा सकता है।

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