छठ महापर्व 2021 : इस बार की छठ पूजा है बहुत खास, जानिए क्यों

छठ महापर्व 2021 का नहाय-खाय के साथ सोमवार को शुभारंभ हो गया। इस बार की पूजा अखंड साम्राज्य और अरिष्ट निवारण योग में हो रही है। इसके अलावा भी कई शुभ संयोग इस अवसर पर पड़ रहे हैं। इसलिए यह पूजा करने वाली व्रतियों की सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी।जमशेदपुर में निवास कर रहे प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. सुधानंद झा के अनुसार सोमवार को शुभ दिन में नहाय-खाय कद्दू भात के साथ छठ महापर्व की शुरुआत हो रही है। नहाय-खाय पर वंश वृद्धि एवं सर्व संपन्नता योग बन रहा है।

नवरात्र में क्या हो व्रतियों का आहार, जिससे बनी रहे भक्ति के लिए शक्ति

नवरात्र सात अक्टूबर से शुरू हो रही है। 15 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ महापर्व का समापन होगा। नवरात्र में कुछ व्रती एक समय फलाहार लेते हैं तो कुछ बिना फलाहार लिए पूरे नौ दिन का व्रत रखने का संकल्प लेते हैं। व्रत निभाने के लिए शरीर में ऊर्जा होनी भी जरूरी है। इसके मद्देनजर आयुर्वेदाचार्य डॉ. शैलेश त्रिपाठी व्रतियों के लिए कुछ आहार सुझाव लेकर आए हैं।

Navratri 2021 : डोली पर आगमन और हाथी होगा मां दुर्गा का प्रस्थान

शारदीय नवरात्र, 2021 इस बार सात अक्टूबर यानी गुरुवार को शुरू हो रही है। विजयादशमी 15 अक्टूबर को शुक्रवार के दिन पड़ रही है। इस हिसाब से माता का आगमन डोली पर और प्रस्थान हाथी पर हो रहा है। आइए, जानते हैं, शास्त्रों में माता के आगमन और प्रस्थान के वाहन का क्या महत्व है और इसका क्या असर होता है?

Navratri 2021 : इस बार आठ दिन की होगी शारदीय नवरात्र, जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा की तिथियां

सितंबर-अक्टूबर में पड़ने वाली नवरात्र को शारदीय नवरात्र भी कहते हैं। मां दुर्गा की नौ दिन की आराधना के महापर्व शारदीय नवरात्र का शुभारंभ इस बार सात अक्टूबर, 2021 को हो रहा है। इस बार नवरात्र का पर्व आठ दिन का ही होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 11 अक्टूबर को पंचमी एवं षष्ठी तिथि की पूजा एक साथ होगी। 14 अक्टूबर बृहस्पतिवार को नवमी और 15 अक्टूबर शुक्रवार को विजयादशमी मनाई जाएगी।

शास्त्रों में इसलिए वर्जित है एक गोत्र में और घर के आसपास विवाह

सनातन धर्म में विवाह एक महत्वपूर्ण संस्कार है। विवाह दरअसल केवल वर-कन्या का ही नहीं, बल्कि दो परिवारों या यूं कहें कि दो खानदानों का मिलन होता है। इसलिए शादी-विवाह से पहले वर और वधू दोनों ही पक्ष कई सारी जांच-पड़ताल और औपचारिकताएं पूरी करते हैं। इनमें कुंडली मिलान के साथ ही एक-दूसरे का फैमिली बैकग्राउंड और गोत्र भी बहुत मायने रखता है। आज भी एक ही गोत्र में शादी से लोग परहेज करते हैं। अब तो मेडिकल साइंस ने भी प्रमाणित किया है कि एक ही गोत्र में शादी से उत्पन्न होने वाली संतान में जेनेटिक बीमारियों का खतरा रहता है। साथ ही प्राचीन समय में घर के आसपास यानी एक गांव या मुहल्ले में शादी से भी परहेज किया जाता था।

10 जून को लग रहा साल का पहला सूर्यग्रहण, जानें भारत में क्या होगा असर

साल 2021 का दूसरा ग्रहण सूर्यग्रहण होगा, जो 10 जून को लग रहा है। भारत में इसका आंशिक असर केवल मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में देखने को मिलेगा, लेकिन सूतक यहां भी नहीं लगेगा। इस तरह से देखा जाए तो इस ग्रहण का भारत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इससे पहले साल का पहला ग्रहण चंद्रग्रहण था, जो 26 मई को लगा था, लेकिन यह चूंकि भारत में नहीं दिखा था, इसलिए इसका भी सूतक नहीं लगा था।

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