बिहार न्यूज : ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता करेंगे दूर-दराज के गांवों के कोरोना संक्रमितों की ट्रेसिंग, ट्रैकिंग और ट्रीटमेंट में मदद

बिहार सरकार ने दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए सराहनीय पहल की है। इसके तहत गांवों में प्रशिक्षित ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता के जरिए ऐसे मरीजों की पहचान कर सहायता पहुंचाई जाएगी।
कोरोना वायरस की दूसरी लहर में हजारों की संख्या में लोग संक्रमित हुए। इनमें शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों का कोविड केयर सेंटर के साथ-साथ होम आइसोलेशन में भी इलाज किया गया। जिला मुख्यालय और प्रखंड मुख्यालय की बात करें, तो इनके आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को इलाज में अधिक परेशानी नहीं हुई। लेकिन, सुदूर ग्रामीण इलाकों के लोगों को इलाज की सुविधा पहुंचाने में शासन और प्रशासन दोनों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऐसे में चिकित्सा कर्मियों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से राज्य स्वास्थ्य समिति ने विशेष रणनीति बनाई है, जिससे ग्रामीण इलाकों में सरलता से कोविड-19 के संक्रमित लोगों और इलाजरत लोगों की सटीक निगरानी की जा सके।

हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन का हो सकेगा सटीक आकलन

भारतीय शोधकर्ताओं ने एक ऐसी पद्धति विकसित की है, जो हिमालयी क्षेत्र में ब्लैक कार्बन के सटीक आकलन और मौसम तथा जलवायु संबंधी पूर्वानुमानों के सुधार में मददगार हो सकती है।शोध पत्रिका ‘ एशिया पेसिफिक जर्नल ऑफ एटमॉस्फेरिक साइंसेज ’ में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार ब्लैक कार्बन (प्रदूषक तत्व) को ग्लोबल वार्मिंग बढ़ाने में कार्बन डाइ ऑक्साइड के बाद दूसरा सबसे बड़ा कारण माना जाता है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि हिमालयी क्षेत्र में ब्लैक कार्बन का सटीक आकलन ऑप्टिकल उपकरणों के उपयोग से संभव हो सकता है। यह पद्धति हिमालयी क्षेत्र के लिए मास एब्जॉर्प्शन क्रॉस-सेक्शन (एमएसी) नामक विशिष्ट मानदंड पर आधारित है।

गैस एजेंसी बदलने की मिलेगी छूट, दूसरी एजेंसी से भी रसोई गैस भरवा सकेंगे उपभोक्ता

रसोई गैस उपभोक्ता अब क्षेत्र में उपलब्ध कंपनी की दूसरी गैस एजेंसी से भी अपना सिलिंडर भरवा सकेंगे। इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा और न ही उस गैस एजेंसी पर जाना पड़ेगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। यह सुविधा पूरे देश में जल्द शुरू होने वाली है। फिलहाल, गुड़गांव, पुणे, रांची, चंडीगढ़ और कोयंबटूर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह सुविधा शुरू होने जा रही है।

पूरे देश में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय, गरज-चमक के साथ होगी बारिश

पूरे भारत में मानसूनी और प्री मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हो चुकी हैं। इसके चलते उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में अगले कुछ घंटों में न सिर्फ तेज हवाएं चलेंगी, बल्कि गरज, चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश भी होगी। इसके साथ ही लोगों को गर्मी से भी राहत मिलेगी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले कुछ घंटों में उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, तेलंगाना और जम्मू व कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, ओडिशा, अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तटीय कर्नाटक और केरल तथा माहे में एक-दो स्थानों पर बादलों की गर्जना और बिजली कड़कने की घटनाएं हो सकती हैं। इन भागों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

पश्चिम बंगाल से नेपाल को 24 मीट्रिक टन मूंगफली का निर्यात

पश्चिम बंगाल से नेपाल को 24 मीट्रिक टन (एमटी) मूंगफली का निर्यात किया गया है। पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले के किसानों से यह मूंगफली खरीदी गई और उसे केंद्र सरकार की संस्था कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपेडा) में पंजीकृत लाडूराम प्रोमोटर्स प्रा.लि. कोलकाता ने निर्यात किया।

10 जून को लग रहा साल का पहला सूर्यग्रहण, जानें भारत में क्या होगा असर

साल 2021 का दूसरा ग्रहण सूर्यग्रहण होगा, जो 10 जून को लग रहा है। भारत में इसका आंशिक असर केवल मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में देखने को मिलेगा, लेकिन सूतक यहां भी नहीं लगेगा। इस तरह से देखा जाए तो इस ग्रहण का भारत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इससे पहले साल का पहला ग्रहण चंद्रग्रहण था, जो 26 मई को लगा था, लेकिन यह चूंकि भारत में नहीं दिखा था, इसलिए इसका भी सूतक नहीं लगा था।

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