Nalanda News : संगठित प्रयास ने दिखाया रंग : देश में 100 करोड़ टीकाकरण के साथ नालंदा जिला भी पहुंचा संक्रमणमुक्ति की कगार पर

नालंदा के जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक ज्ञानेन्द्र सिंह ने जिले का टीकाकरण लक्ष्य पूरा करने को अपना पहला उद्देश्य बना लिया है। उनका कहना है जिम्मेदार नागरिक के साथ-साथ एक स्वास्थ्यकर्मी होने की वजह से कोरोना के खिलाफ उनकी जिम्मेदारी दोहरी हो जाती है। इसलिए कोविड टीकाकरण से जुड़े सभी विभागीय निर्देशों को जिले में शत-प्रतिशत पूरा करने का प्रयास करते हैं। पूजा पंडालों के पास टीकाकरण, 9 टू 9 टीकाकरण, टीका एक्सप्रेस, विशेष टीकाकरण अभियान, महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था, सेकेंड डोज के लिए अलग से टीकाकरण काउंटर की व्यवस्था, पोलियो अभियान की तर्ज पर डोर-टू-डोर टीकाकरण अभियान जैसी हर नई पहल पर न सिर्फ पूरा ध्यान रखते हैं, बल्कि उससे जुड़े कर्मचारियों, उपकरणों, कोरोना टेस्टिंग और प्रतिदिन के टीकाकरण के आंकड़ों या टीकाकरण से जुड़ी किसी भी समस्या पर भी पैनी नजर है, ताकि समय पर उसका समाधान उपलब्ध करा सकें। ज्ञानेन्द्र सिंह कहते हैं कि आज नालंदा जिले में कोरोना वैक्सीनेशन के आंकड़े को देखकर काफी संतोष होता है। उच्चाधिकारियों के निर्देशन और कर्मचारियों के सहयोग से हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

नवरात्र में क्या हो व्रतियों का आहार, जिससे बनी रहे भक्ति के लिए शक्ति

नवरात्र सात अक्टूबर से शुरू हो रही है। 15 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ महापर्व का समापन होगा। नवरात्र में कुछ व्रती एक समय फलाहार लेते हैं तो कुछ बिना फलाहार लिए पूरे नौ दिन का व्रत रखने का संकल्प लेते हैं। व्रत निभाने के लिए शरीर में ऊर्जा होनी भी जरूरी है। इसके मद्देनजर आयुर्वेदाचार्य डॉ. शैलेश त्रिपाठी व्रतियों के लिए कुछ आहार सुझाव लेकर आए हैं।

सूर्य के कोरोना से निकलने वाले पदार्थ से प्रभावित होते हैं मौसम के पूर्वानुमान

हाल के एक अध्ययन से पता चला है कि कैसे सौर वातावरण में सूर्य के किरीट (कोरोना) से उत्सर्जित होने वाले पदार्थ (कोरोनल मास इजेक्शन) जैसी स्थितियां और घटनाएं अंतरिक्ष के मौसम पूर्वानुमानों की उस सटीकता को प्रभावित करती हैं, जो हमारे उपग्रहों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह अध्ययन भारत के पहले सौर मिशन आगामी आदित्य-एल1 से प्राप्त होने वाले आंकड़ों (डेटा) की व्याख्या में सहायता करेगी। अंतरिक्ष का मौसम सौर वायु और पृथ्वी के निकट के अंतरिक्ष की उन स्थितियों को संदर्भित करता है, जिनसे अंतरिक्ष में भेजी गई और भूमि पर स्थापित तकनीकी प्रणालियों के प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

आंखों के इलाज के लिए आईआईटी हैदराबाद की क्रांतिकारी खोज

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), हैदराबाद की एक खोज आफ्थमालजी यानी नेत्र विज्ञान के क्षेत्र में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकती है। संस्थान के बायो-मेडिकल इंजीनियरिंग विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. फाल्गुनी पाटी के नेतृत्व शोधकर्ताओं ने एक विशेष हाइड्रोजेल बनाया है, जिसे आंख के कार्निया में चोट लगने के तत्काल बाद उपयोग किया जा सकता है। नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में यह खोज क्रांतिकारी मानी जा रही है।

बृहस्पति के लाल धब्बे में तेज हो रही तूफान की गति

नासा के हबल स्पेस टेलीस्कोप ने बृहस्पति ग्रह के विशालकाय लाल धब्बे (Great Red Spot) में रहस्यमय परिवर्तनों का पता लगाया है। अंतरिक्ष से प्राप्त तस्वीरों के विश्लेषण से वैज्ञानिकों को पता चला है कि बृहस्पति के इस विशालकाय लाल धब्बे वाले क्षेत्र में हवाओं की गति में वृद्धि हो रही है। नासा द्वारा इस संबंध में जारी एक वक्तव्य में कहा गया है कि एक आगे बढ़ने वाले रेसिंग कार चालक की गति की तरह, बृहस्पति के ग्रेट रेड स्पॉट की सबसे बाहरी लेन में हवाएं तेज हो रही हैं। इसमें स्पष्ट किया गया है कि यह खोज नासा के हबल स्पेस टेलिस्कोप द्वारा ही संभव है, जिसने एक दशक से अधिक समय तक ग्रह की निगरानी की है।

ताज की फीकी पड़ती चमक के पीछे प्रदूषित यमुना

धात्विक एवं अधात्विक संरचनाओं का क्षरण काफी हद तक उनके आसपास के वातावरण से नियंत्रित होता है। सत्रहवीं शताब्दी में आगरा में बना ताजमहल, एक यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन) विश्व धरोहर है, जो अपने रूप-सौंदर्य के लिए विश्व प्रसिद्ध है। सफेद पत्थरों से बना यह स्मारक धीरे-धीरे काला और पीला पड़ता जा रहा है, जो चिंता का विषय है। यदि इसे नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह विश्व धरोहर संरचना अपनी चमक और सुंदरता खो सकती है।

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