बिहार न्यूज : ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता करेंगे दूर-दराज के गांवों के कोरोना संक्रमितों की ट्रेसिंग, ट्रैकिंग और ट्रीटमेंट में मदद

बिहार सरकार ने दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए सराहनीय पहल की है। इसके तहत गांवों में प्रशिक्षित ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता के जरिए ऐसे मरीजों की पहचान कर सहायता पहुंचाई जाएगी।
कोरोना वायरस की दूसरी लहर में हजारों की संख्या में लोग संक्रमित हुए। इनमें शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों का कोविड केयर सेंटर के साथ-साथ होम आइसोलेशन में भी इलाज किया गया। जिला मुख्यालय और प्रखंड मुख्यालय की बात करें, तो इनके आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को इलाज में अधिक परेशानी नहीं हुई। लेकिन, सुदूर ग्रामीण इलाकों के लोगों को इलाज की सुविधा पहुंचाने में शासन और प्रशासन दोनों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऐसे में चिकित्सा कर्मियों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से राज्य स्वास्थ्य समिति ने विशेष रणनीति बनाई है, जिससे ग्रामीण इलाकों में सरलता से कोविड-19 के संक्रमित लोगों और इलाजरत लोगों की सटीक निगरानी की जा सके।

ब्लैक फंगस से बचाएगी मुंह और दांतों की सफाई

पत्र सूचना कार्यालय (पीआइबी) द्वारा ‘म्यूकोरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस और दंत स्वास्थ्य का कोविड-19 से संबंध’ विषय पर तीन जून को आयोजित एक वेबिनार में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने विचार साझा किए। वेबिनार में डॉक्टरों से मिली सलाह और जानकारी को इस खबर में बिंदुवार प्रस्तुत किया गया है।

स्वदेशी कोविड वैक्सीन कोवैक्सीन के लिए कच्चे माल का उत्पादन करेगी इंडियन इम्यूनोलॉजिकल लिमिटेड

कोरोना वैक्सीन के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के लिए केंद्र सरकार कई स्तर पर काम कर रही है। इसी कड़ी में स्वदेशी कोविड वैक्सीन कोवैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने के लिए कच्चा माल (औषधि पदार्थ) तैयार करने का जिम्मा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की हैदराबाद स्थित सहायक कंपनी इंडियन इम्यूनोलॉजिकल लिमिटेड (आईआईएल) को दिया गया है।

कोरोना वैक्सीन : महाराष्ट्र की सरकारी कंपनी हैफकाइन बायोफार्मा बनाएगी कोवैक्सिन की 22.8 करोड़ डोज

देश की 130 करोड़ की आबादी को जल्द से जल्द कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार युद्ध स्तर पर काम कर रही है। इसी क्रम में केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र की सरकारी कंपनी हैफकाइन बायोफार्मा को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कराकर स्वदेशी कोरोना वैक्सीन कोवैक्सिन की 22.8 करोड़ डोज तैयार कराने का फैसला किया है।

देश को मिलने वाली है एक और स्वदेशी वैक्सीन, केंद्र सरकार ने बुक कराई 30 करोड़ डोज

भारत को एक और स्वदेशी कोरोना वैक्सीन अगस्त तक मिलने जा रही है। हैदराबाद की कंपनी बायोलॉजिकल-ई इस वैक्सीन को विकसित कर रही है। इस आरबीडी प्रोटीन सब-यूनिट आधारित वैक्सीन के फिलहाल तीसरे चरण का परीक्षण चल रहा है। पहले और दूसरे चरण के इसके परीक्षण में उत्साहजनक नतीजे मिले हैं। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने वैक्सीन की तीस करोड़ डोज बुक करा ली हैं। साथ ही इस मद में कंपनी को पंद्रह सौ करोड़ का भुगतान भी केंद्र सरकार द्वारा जल्द किया जाएगा। अभी तक भारत बायोटेक की को-वैक्सीन ही स्वदेशी वैक्सीन है।

नालंदा में कोविड टीकाकरण : पहले से कोविन पोर्टल पर रजिस्टर्ड लाभार्थियों को मिलेगी प्राथमिकता

नालंदा जिले में वैश्विक महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। टीकाकरण अभियान को गति देने के उद्देश्य से अहम निर्णय भी लिए जा रहे है। इसी के तहत फैसला लिया गया है कि अब पूर्व पंजीकृत लाभार्थियों का प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन करना है।

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