हर्बल गुलाल ने राजस्थान की जनजातियों के जीवन में भरे रंग

जंगल के उत्पादों को जमा करने वाली जनजातियों के लिए वनधन जनजातीय स्टार्ट-अप की पहल वरदान साबित हो रही है। लघु वनोत्पाद (एमएफपी) पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रणाली से इन जनजातियों को उनके उत्पादों की बिक्री में काफी सहूलियत हुई है। ये पहल ट्राइफेड द्वारा की जा रही है।

अब आजीवन रहेगी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) प्रमाणपत्र की वैधता

TET Certificate Validity is now lifetime : शिक्षक के रूप में कैरियर बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने घोषणा की है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करने वाले अभ्यर्थियों का प्रमाणपत्र अब आजीवन मान्य रहेगा। पहले यह परीक्षा सात साल के लिए मान्य रहती थी। इससे देशभर के करोड़ों युवा लाभान्वित होंगे और उन्हें हर सात साल में टीईटी की परीक्षा में अपनी योग्यता साबित नहीं करनी पड़ेगी।

कोरोना से जंग में महती भूमिका निभा रहे महाराष्ट्र के आदिवासी, जानें कैसे

सरकारी संगठनों से सहायता प्राप्त प्रशिक्षित आदिवासी युवक सुनील ने मेहनत और कौशल से अपने साथ ही समुदाय के सैकड़ों लोगों का जीवन बदल दिया है। इन लोगों को न सिर्फ अपने घर पर ही काम मिला है, बल्कि रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में भटकने से भी छुटकारा मिला है।

जंगली जड़ी-बूटियों से तैयार उत्पाद बदल रहे जनजातीयों की तकदीर

ट्राइफेड की इस पहल से 23 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के जंगलों में उत्पाद जमा करने वाली जनजातियों के लाखों लोगों को उद्यम का अवसर मिल रहा है। ट्राइफेड के अनुसार उसके द्वारा शुरू किए गए वन-धन स्टार्ट-अप कार्यक्रम से 50 लाख जनजातीय लोग लाभान्वित हुए हैं।

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