Nalanda News : मेनिनजाइटिस के लक्षणों की पहचान कर सही इलाज जरूरी

बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस बच्चों के लिए खतरनाक, स्वच्छता संबंधी व्यवहारों का पालन जरूरी

शिशुओं के सही खान-पान और जरूरी टीकाकरण पर रखें खास ध्यान

senani.in
अविनाश पांडेय || बिहारशरीफ

बारिश के कारण जगह-जगह जलजमाव है। ऐसे में मलेरिया, डेंगू आदि मच्छर जनित रोगों के फैलने की आशंका बढ़ गई है।मेनिनजाइटिस भी एक मच्छर जनित रोग है और इसके लक्षण दिखने पर किसी भी तरह की लापरवाही रोगी के लिए जोखिम भरी होती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मेनिनजाइटिस को छिपी हुई बीमारी बताते हुए कहा है कि इसकी पहचान करने में अक्सर भूल होती है और यह रोगी की मृत्यु का कारण बनता है। आमतौर पर यह संक्रमण मलेरिया आदि होने का भ्रम दिलाता है। इसकी वजह से मरीज को समय पर आवश्यक इलाज नहीं मिल पाता है। विश्व में शिशु मृत्यु के कुल मामलों में पांच प्रतिशत मृत्यु की वजह बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस होता है। मेनिनजाइटिस संक्रमण विशेषकर एक साल से पांच साल की उम्र के बच्चों अपना शिकार बनाता है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

क्या है मेनिनजाइटिस

मेनिनजाइटिस एक संक्रामक रोग है। यह एक प्रकार का दिमागी बुखार है। मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को ढंककर रखने वाली तीन झिल्लियों के आसपास का तरल पदार्थ संक्रमित होने के कारण यह रोग होता है। यह संक्रमण वायरल, बैक्टीरिया या फंगस की वजह से हो सकता है। संक्रमण से मस्तिष्क के हिस्से में सूजन हो जाता है। छोटे बच्चे इसकी चपेट में अधिक तेजी से आते हैं। बच्चों में अधिकांशत: बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस होता है।

24 से 48 घंटों में दिखने लगते हैं लक्षण

बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस के लक्षणों की शुरुआत 24 से 48 घंटे के बीच हो जाती है। ब्लड टेस्ट व दिमाग का एक्सरे कर रोग की पहचान की जाती है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

मेनिनजाइटिस के लक्षण

*बच्चों को तेज बुखार आना

*शिशु का लगातार रोते रहना व सुस्त रहना

  • पूरी तरह नींद नहीं आना व चिड़चिड़ापन
  • खाना नहीं खाना या स्तनपान न कर पाना

*सिर के हिस्से में उभार

  • शरीर व गर्दन का अकड़ना

मेनिनजाइटिस की रोकथाम के उपाय

*मेनिनजाइटिस की रोकथाम के लिए स्वच्छता संबंधी व्यवहारों का पालन करें

*बच्चों व बड़ों को खाने से पहले तथा शौचालय के बाद हाथों को साबुन से धोने की आदत होनी चाहिए

*बच्चों को साफ और उबला हुआ पानी ही पीने के लिए दें। उनके खाने में तरल तथा पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करें

*छोटे बच्चों को माताएं अधिकाधिक स्तनपान कराएं तथा दूध पिलाने के लिए बोतल का उपुयोग न करें

  • शिशुओं की साफ-सफाई सहित खाना आदि बनाए जाने के दौरान स्वच्छता बरतें

*बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता की चीजों, जैसे ब्रश, जूठा खाना या ऐसी अन्य प्रकार की वस्तुओं को साझा न करने की हिदायत दें

  • खांसते व छींकते समय मुंह व नाक को रूमाल से ढंकने की आदत दिलाएं
  • ऐसे लोगों के संपर्क में आने से बचें, जिन्हें मेनिनजाइटिस हुआ हो

शिशुओं के जरूरी टीकाकरण समय पर कराएं

बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस की रोकथाम टीकाकरण द्वारा की जा सकती है। इनमें पीसीवी तथा मैनिंगोकोकल कंजुगेट वैक्सीन शामिल हैं। बच्चों को इंफ्लूएंजा टीकाकरण से भी इस प्रकार की संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सकता है। शिशुओं के सभी प्रकार के टीकाकरण आवश्यक रूप से ससमय कराएं।

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