Nalanda News : युवाओं को संस्कृत और संस्कृति से जोड़ना जरूरी : दिलीप कुमार

इस्लामपुर के वैदिक साहित्य संस्कृत उच्च विद्यालय में संस्कृत महोत्सव का आयोजन, विद्वानों ने संस्कृत के प्रचार-प्रसार पर दिया जोर

अविनाश पांडेय/बिहारशरीफ

कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार ने कहा कि नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने के लिए उसे संस्कृत से जोड़ना होगा। यह तभी संभव होगा, जब बिहार बोर्ड की तर्ज पर सीबीएसई और आईसीएसआई में भी संस्कृत अनिवार्य किया जाए। साथ ही पंचायत स्तर पर संस्कृत विद्यालय और प्रखंड स्तर पर संस्कृत महाविद्यालय खोले जाएं। दिलीप कुमार ने संस्कृत दिवस पर इस्लामपुर के वैदिक साहित्य संस्कृत उच्च विद्यालय के प्रांगण में रविवार को आयोजित संस्कृत महोत्सव-2021 को संबोधित करते हुए यह बात कही।

इन अतिथियों ने किया महोत्सव का शुभारंभ

महोत्सव में बतौर अतिथि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अहिल्या कुमारी, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार, इस्लामपुर नगर पंचायत अध्यक्ष संगीता साहू, वार्ड पार्षद नमिता कुमारी व पूर्व जिला परिषद सदस्य श्रीनिवास शर्मा शामिल हुए। इस अवसर पर सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रणव चंद्र ने सभी अतिथियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया। इस अवसर पर बच्चों और बच्चियों द्वारा मां सरस्वती की वंदना की गई। नंदकिशोर पांडेय, श्रीधारी पांडेय, प्रणव चंद्रा, रविशंकर, प्रियदर्शी, विद्यासागर, परवीन कुमार, प्रमोद उपाध्यक्ष, गिरीश कुमार एवं अन्य विद्वानों द्वारा स्वस्ति वाचन किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रीनिवास शर्मा द्वारा किया गया।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले-संस्कृत के प्रचार-प्रसार का लें संकल्प

महोत्सव को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार ने कहा कि आज के परिवेश में गिरते संस्कार को देखते हुए संस्कृत की महत्ता बढ़ती जा रही है, लेकिन नौजवान पीढ़ी कहीं न कहीं इससे दूर होती जा रही है। जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार ने कहा कि संस्कृत भाषा ही सारी भाषाओं की जननी है। हिंदू सभ्यता में या यूं कहिए कि जब से सनातन धर्म की शुरुआत हुई, तब से संस्कृत की सार्थकता सामने है। जन्म से मरण तक यानी मनुष्य के पूरे जीवनकाल एवं मरणोपरांत भी सारी पूजा और विधि-विधान संस्कृत में ही किया जाता है। इसके बावजूद यह उपेक्षित है। दिलीप कुमार ने कहा कि हमें रक्षाबंधन के दिन से ही रक्षासूत्र के साथ यह शपथ लेना चाहिए कि हम लोग संस्कृत के प्रचार-प्रसार में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे।

सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड में संस्कृत को करें अनिवार्य

कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार ने केंद्र व राज्य सरकार से मांग की कि सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड में बिहार बोर्ड की तरह ही संस्कृत को अनिवार्य विषय का दर्जा दिया जाए। साथ ही संस्कृत विद्यालय पंचायत स्तर पर एवं संस्कृत महाविद्यालय प्रखंड स्तर पर खुलवाया जाए, ताकि हमारी नई पीढ़ी को भी संस्कृत का ज्ञान हो।

संस्कृत भाषा ही हमारी संस्कृति की जननी : श्रीनिवास शर्मा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीनिवास शर्मा ने कहा कि संस्कृत भाषा ही हमारी संस्कृति की जननी है। वेद को लिखने वाले ब्राह्मण परिवार से नहीं आते थे। इसके बावजूद उन्होंने वेद को लिखा और हमारे जितने भी पूर्वज रहे हैं, जो भगवान के रूप में धरती पर अवतरित हुए हैं, उन्होंने विस्तार से संस्कृत एवं संस्कृति पर चर्चा की।

प्रखंड शिक्षा अधिकारी ने संस्कृत में किया संबोधन

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अहिल्या कुमारी ने अपना संबोधन संस्कृत भाषा में ही किया और संस्कृत में ही सरस्वती वंदना गाकर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

महोत्सव में ये थे उपस्थित

इस अवसर पर जितेंद्र प्रसाद सिंह, राजीव कुमार, सर्वेश कुमार, उदय शंकर कुशवाहा, मुन्ना पांडेय, प्रभात, प्रशांत, अरविंद कुमार समेत बड़ी संख्या में शिक्षक, अधिकारी, विद्यार्थी और अभिभावक मौजूद थे।

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