नार्थ-ईस्ट में मोदी सरकार के सात साल में पिछले 70 वर्षों से ज्यादा विकास : अमित शाह

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिलांग में उत्तर पूर्वी अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (North Eastern Space Applications Centre-NESAC) के बहुउद्देयशीय सम्मेलन केंद्र और प्रदर्शनी सुविधा का किया शिलान्यास

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केंद्रीय गृह मंत्री ने पूर्वोत्तर राज्यों के सभी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर सुरक्षा और विकास की गहन समीक्षा की

अमित शाह बोले-नरेंद्र मोदी ने रेल कनेक्टिविटी, एयर कनेक्टिविटी, पोर्ट कनेक्टिविटी और रोड कनेक्टिविटी के साथ-साथ आईटी की कनेक्टिविटी से भी नॉर्थ-ईस्ट को जोड़ने का काम किया

पहले पूर्वोत्तर में घुसपैठ, आतंक और भ्रष्टाचार की बात होती थी लेकिन आज विकास, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट की चर्चा होती है

मोदी के नेतृत्‍व में नार्थ-ईस्‍ट के दशकों से परेशान करने वाले मुद्दों का हल निकाला गया, जिनमें बांग्लादेश से सीमा विवाद, एनएलएफटी से समझौता तथा ब्रू-शरणार्थियों की त्रिपुरा और मिजोरम की समस्याएं दूर हुईं, बोडो शांति समझौता हुआ

उत्तर-पूर्व (नार्थ-ईस्ट) की सभी जटिल समस्याओं का समाधान किया जाएगा

हर राज्य की सीमा का आंतरिक विवाद, मणिपुर तथा नागालैंड के उग्रवादी गुटों को आत्मसमर्पण कराकर मुख्‍य धारा में शामिल करना हम सबका हो सामूहिक उद्देश्य

गृह मंत्रालय और NESAC के को-आर्डिनेशन से बाढ़ प्रबंधन के लिए सिंगल विंडो बनाया जाएगा, बड़े तालाबों में होगा जल संचय, प्राकृतिक आपदा की पहले मिल सकेगी जानकारी

शिलांग में आयोजित समारोह में उत्तर पूर्वी अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (North Eastern Space Applications Centre-NESAC) के बहुउद्देयशीय सम्मेलन केंद्र का मॉडल भी रखा गया था।

senani.in
डिजिटल डेस्क || शिलांग

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को शिलांग में उत्तर पूर्वी अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (North Eastern Space Applications Centre-NESAC) के बहुउद्देयशीय सम्मेलन केंद्र और प्रदर्शनी सुविधा का शिलान्यास किया। एनईसैक सोसाइटी के अध्यक्ष अमित शाह ने अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी केंद्र के संचालन संबंधी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता भी की। केंद्रीय गृह मंत्री ने एक अन्य बैठक में पूर्वोत्तर राज्यों के सभी मुख्यमंत्रियों के साथ सुरक्षा और विकास की गहन समीक्षा की।

इस अवसर पर एनईसैक की बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले सात वर्षों में नॉर्थ ईस्ट की विकास यात्रा पिछले 70 सालों में हुए विकास की तुलना में बहुत आगे है। नरेंद्र मोदी ने रेल कनेक्टिविटी, एयर कनेक्टिविटी और रोड कनेक्टिविटी के साथ-साथ आईटी की कनेक्टिविटी से भी नॉर्थ-ईस्ट को जोड़ने का काम किया। गृह मंत्री ने कहा कि इन आठ राज्यों के समूह को प्रधानमंत्री अष्टलक्ष्मी कहते हैं और आज सभी आठों राज्‍य एक-दूसरे के सहयोग से विकास की दृष्टि से आगे बढ़ रहे हैं।

शिलांग में समारोह को संवोधित करते केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह।

बाढ़ प्रबंधन के लिए 110 परियोजनाओं का प्रारूप तैयार

केंद्रीय गृह मंत्री ने जनवरी में एनईसैक बैठक में पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ प्रबंधन के लिए एनईसैक का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया था। शनिवार की बैठक में उन्हें बताया गया कि इस संबंध में 110 परियोजनाओं का प्रारूप तैयार किया गया है। अमित शाह ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पूर्वोत्तर को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए बड़े-बड़े तालाबों में जल संचय करने का निर्देश दिया।

अमित शाह ने बैठक में शामिल लोगों के साथ तस्वीर भी खिंचवाई।

विवाद सुलझाए जा चुके या सुलझाए जा रहे

अमित शाह ने कहा कि पहले पूर्वोत्तर में घुसपैठ, आतंकवाद और भ्रष्टाचार की बात होती थी, लेकिन आज विकास, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट की चर्चा होती है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्‍व में नार्थ-ईस्‍ट के दशकों से परेशान करने वाले मुद्दों का हल निकाला गया है। इनमें बांग्लादेश से सीमा विवाद, एनएलएफटी से समझौता तथा ब्रू-शरणार्थियों की त्रिपुरा और मिजोरम की समस्याएं और बोडो शांति समझौता शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर-पूर्व की सभी जटिल समस्याओं का समाधान होगा और हर राज्य की सीमा का आंतरिक विवाद, मणिपुर और नागालैंड के उग्रवादी गुटों को आत्मसमर्पण कराकर मुख्‍य धारा में शामिल करना हम सबका सामूहिक लक्ष्य होना चाहिए।

शिलांग में शनिवार को एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह।

पूर्वोत्तर में बाढ़ प्रबंधन के लिए बनेगा सिंगल विंडो

अमित शाह ने कहा कि ड्रग फ्री, टेररिज्म फ्री और विकसित नॉर्थ ईस्ट बनाने में एनईसैक की भूमिका अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण होगी।एनईसैक सोसाइटी के माध्यम से हमारी योजनाओं को वैज्ञानिक आधार मिल सकता है और इनकी नींव पर उत्तर-पूर्व को विकसित करना है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय और NESAC के को-ऑर्डिनेशन से बाढ़ प्रबंधन के लिए सिंगल विंडो बनाया जाएगा, जिससे समय पर राज्यों को आपदा की जानकारी मिल सके।

केंद्रीय गृहमंत्री ने शिलांग में स्वास्थ्य योजनाओं का भी किया उद्घाटन।

36 घंटे पहले मिल सकती है बिजली गिरने की चेतावनी

अमित शाह ने आश्वस्त किया कि उत्तर-पूर्व के लिए बजट की कोई सीमा नहीं है, किंतु बजट का समुचित उपयोग होना चाहिए। यदि परिणाम मिलते हैं तो केंद्र सरकार को यहां रुपये खर्च करने में कोई दिक्कत नहीं है। नार्थ-ईस्‍ट की भौगोलिक स्थिति और दुर्गमता अलग तरह की है। इसलिए विकास को गति देने के लिए रणनीति बनाकर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आपदा जोखिम को शून्य तक ले जाने के लिए एक सिंगल विंडो सिस्टम बनाने का भी काम किया जाएगा। आपदा प्रबंधन और एनईसैक के बीच में एक को-आर्डिनेशन हो, जिससे बिजली गिरने की चेतावनी भी लगभग 36 घंटे पहले मिल सकेगी। गृह मंत्री ने कहा कि कोरोना काल ने विश्व को झकझोर कर रख दिया और यह पूरी मानव जाति के सामने बहुत बड़ा खतरा बनकर सामने आया। ऐसे समय में भी केंद्र सरकार की प्राथमिकता नॉर्थ-ईस्ट रही है। वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन या दवाइयां भेजनी हों, सभी में नॉर्थ-ईस्ट को प्राथमिकता दी गई। वैक्सीनेशन के कार्यक्रम में भी उत्तर-पूर्व को प्राथमिकता दी जा रही है। कुछ राज्यों में टेस्टिंग बढ़ाने की जरूरत है और यदि पॉजिटिविटी रेट बढ़ता भी है तो थकना नहीं चाहिए और टेस्टिंग बढ़ाकर इसको कम से कम रेट पर ले जाने का प्रयास होना चाहिए।

चानू ने किया गौरवान्वित

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मणिपुर की बेटी मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक में आज वेटलिफ्टिंग के 49 किलोग्राम वर्ग में भारत को सिल्वर मेडल दिलवाया। यह हम सबके लिए बहुत ही गर्व की बात है।

केंद्रीय गृहमंत्री के समक्ष रखा गया विभिन्न विकास कार्यों का विवरण।

क्षेत्र को आतंकवाद मुक्त कर सर्वांगीण विकास पर जोर

पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में गृह मंत्री ने पूर्वोत्तर क्षेत्र को उग्रवाद मुक्त कर इस क्षेत्र के सर्वांगीण विकास पर बल दिया। अमित शाह ने पूर्वोत्तर राज्यों की सुरक्षा स्थिति में पिछले वर्षों में हुए उल्लेखनीय सुधार के लिए सभी की सराहना करते हुए शांति समझौतों का शीघ्रतापूर्वक क्रियान्वयन करने के लिए कहा। इस संदर्भ में गृह मंत्री ने त्रिपुरा में ब्रू पुनर्वास और असम में बोडो समझौतों द्वारा दशकों पुरानी समस्याओं के समाधान का उल्लेख किया। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से राज्यों के सीमा विवाद को परस्पर विचार-विमर्श कर सौहार्दपूर्ण वातावरण में शीघ्रतापूर्वक सुलझाने का अनुरोध किया।

शिलांग में बनकर तैयार इंटर स्टेट बस टर्मिनल, जिसका केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया उद्घाटन।

चटगांव और सितवे बंदरगाहों से जोड़े जा रहे पूर्वोत्तर के राज्य

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने ‘Act East’ नीति के अंतर्गत पूर्वोत्तर राज्यों के इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) को विकसित करने के लिए अनेक दूरगामी कदम उठाए हैं। पूर्वोत्तर के राज्यों को बांग्लादेश में चिटगांव और म्यांमार में सितवे बंदरगाहों से जोड़ा जा रहा है। पूर्वोत्तर के राज्यों की महत्वपूर्ण सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाकर अपग्रेड (Upgrade) किया जा रहा है। साथ ही अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड और मिजोरम जैसे पहाड़ी राज्यों को रेलमार्ग से जोड़ा जा रहा है। अमित शाह ने पूर्वोत्तर राज्यों के प्राकृतिक सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

शिलांग में पूर्वोत्तर के राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक करते केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह।

बैठक में ये थे मौजूद

बैठक में डोनर (DONER) मंत्री जी. किशन रेड्डी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष विभाग के मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और डोनर राज्य मंत्री बीएल वर्मा समेत केंद्रीय गृह सचिव, सभी पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

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