Health Alert : बारिश के मौसम में बच्चों को ऐसे रखें स्वस्थ

अपने साथ कई संक्रामक रोग लाता है बारिश का पानी, मच्छरों और गंदगी से अपने लाडले को रखें दूर

अविनाश पांडेय || बिहारशरीफ

मानसून आ चुका है। रुक-रुककर बारिश हो रही है, लेकिन बारिश के मौसम में कई बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। विशेष रूप से इस मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार जैसे वायरल रोग होने की आशंका हमेशा बनी रहती है। ऐसे में छोटे बच्चों खासकर पांच साल तक के बच्चों को भी इन संक्रामक और वायरल रोगों से बचाने की जरूरत है, क्योंकि उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इससे इन बच्चों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने का भी खतरा रहता है। इसलिए बच्चों की अधिकाधिक देखभाल जरूरी है, ताकि मौसमी बीमारी व कोरोना वायरस के संक्रमण से उन्हें बचाया जा सके।

बारिश के मौसम में ज्यादा सक्रिय होते हैं रोगाणु

बिहार के नालंदा के सिविल सर्जन डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि मौसम बदलने के साथ बच्चों को बुखार आ जाना सामान्य घटना है। किन्तु कई बार ये बुखार मच्छरों के काटने या पानी के संक्रमण के कारण होता है या फिर कई बार ये वायरल बुखार भी हो सकता है, जो आमतौर पर वातावरण में बदलाव के कारण छोटे बच्चों को हो जाता है। इसलिए इसकी जांच जरूरी हो जाती है। यह पता करना जरूरी है कि किस प्रकार का बुखार है क्योंकि कई बार बुखार के साथ खांसी और जोड़ों में दर्द भी हो सकता है। बरसात में वायरल बुखार के अलावा सर्दी, खांसी, मच्छर व जलजनित रोग जैसे मलेरिया, डेंगू, टायफायड व जांडिस होने की आशंका भी ज्यादा होती है। इसलिए इन दूसरी बीमारियों के लक्षणों की जानकारी भी जरूरी है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

बिना डॉक्टर के सलाह इलाज या दवा देना ठीक नहीं

कोरोना की लहर भी अभी तक बरकरार है, जो छोटे बच्चों के लिए भी घातक है। इसलिए किसी भी प्रकार का बुखार होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। साथ ही शिशु को यदि तेज बुखार हो तो तुरंत चिकित्सक से बात कर उनकी सलाह पर ही पैरासीटामॉल या दूसरी दवाई दें। ध्यान रखें बिना डॉक्टर के सलाह के बच्चे को कोई भी दवा देना उचित नहीं है।

आसपास साफ-सफाई का रखें ध्यान

डॉ. कुमार ने बताया कि बारिश के मौसम में नमी की वजह से मच्छर व कई तरह के बैक्टीरिया पनपते हैं। इसलिए घर और अपने घर के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। घर में फर्श की सफाई फिनाइल से जरूर करें। घर में ऐसे स्थान, जहां पानी भरा रहे-कूलर, गमले आदि की सफाई जरूर करें। सोने के समय मच्छरदानी का उपयोग करें।

बच्चों को घर का खाना ही खिलाएं

डॉक्टर सुनील कुमार के मुताबिक बारिश के मौसम में संक्रमण से बचाने के लिए बच्चों को घर का बना खाना ही खिलाएं। यदि बच्चा छह माह से कम का है तो उसे सिर्फ स्तनपान करायें। यदि छह माह से अधिक का है तो स्तनपान के साथ दलिया, खिचड़ी, दाल का पानी जैसे पूरक आहार दें। बच्चों को जंक फूड न दें। खुले में बिकने वाली खाद्य सामग्री से परहेज जरूरी है।

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