Bihar News : ‘सुनंदिनी’ से संवरेगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की शैक्षणिक योग्यता

ईसीसीई विषय पर सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा कोर्स करेंगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता

अविनाश पांडेय || बिहारशरीफ

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के शैक्षणिक स्तर में सुधार लाने की दिशा में अब नई पहल की गई है। इसके लिए राज्य में ‘सुनंदिनी’ कार्यक्रम की शुरुआत हुई है। इसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ईसीसीई (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा) विषय पर छह महीने का सर्टिफिकेट कोर्स एवं और एक साल का डिप्लोमा कोर्स कराया जाएगा।

समेकित बाल विकास परियोजना के ‘सुनंदिनी’ कार्यक्रम की शुरुआत से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के शैक्षणिक उन्नयन के साथ उनका क्षमता वर्धन भी होगा। ‘सुनंदिनी’ के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स करने का मौका मिलेगा। इससे उनकी सेवा प्रदायगी की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। इससे बड़ा लाभ समुदाय को मिलेगा।आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की योग्यता एवं क्षमता में बढ़ोतरी होने से समाज कल्याण की अवधारणा को फलीभूत करने में मदद मिलेगी।

बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कार्यालय से भरे जाएंगे ऑनलाइन फॉर्म

‘सुनंदिनी’ कार्यक्रम के तहत शुरू किए गए सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा कोर्स में निबंधन और नामांकन के लिए संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कार्यालय से ऑनलाइन फॉर्म भरे जाएंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के आलोक में सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) विषय पर सर्टिफिकेट/डिप्लोमा कोर्स अनिवार्य किया गया है। बीबीओएसई से संबंधित कोर्स करने के लिए यह विशेष प्रावधान किया जा रहा है, ताकि राज्य में कार्यरत सेविकाएं/सहायिकाएं यह कोर्स आसानी से कर सकें।

राज्य सरकार भरेगी पंजीकरण शुल्क

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के ईसीसीई विषय पर सर्टिफिकेट/ डिप्लोमा कोर्स में पंजीकरण शुल्क बीबीओएसई द्वारा 15 सौ रुपये प्रति लाभार्थी निर्धारित की गई है, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए ईसीसीई विषय पर सर्टिफिकेट/डिप्लोमा कोर्स में पंजीकरण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

आगे की पढ़ाई के लिए भी किया जाएगा प्रेरित

वर्तमान में आंगनबाड़ी सहायिकाओं के चयन के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं पास तथा सेविकाओं के लिए 10वीं/मैट्रिक पास अथवा समकक्ष है। बीबीओएसई के माध्यम से राज्य में कार्यरत न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता वाली इच्छुक सहायिकाओं को 10वीं/ मैट्रिक तथा सेविकाओं को 12वीं पास करने के लिए प्रेरित करेगा।

कोर्स मैटेरियल बाल विकास पदाधिकारी कार्यालय में होगा उपलब्ध

इस पाठ्यक्रम में निबंधन और नामांकन के लिए संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कार्यालय अध्ययन केंद्र के रूप में काम करेगा। संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी इसकी नोडल पदाधिकारी होंगी।

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