कोरोना संक्रमण की जांच अब कहीं भी, कभी भी, वह भी पंद्रह मिनट में

संक्रमण की त्वरित जांच के लिए आई ‘सेंसिट रैपिड कोविड-19 एजी किट’

senani.in
इंडिया साइंस वायर || नई दिल्ली

कोरोना संक्रमण की त्वरित जांच के लिए हाल में वैज्ञानिकों ने ‘सेंसिट रैपिड कोविड-19 एजी किट’ विकसित की है। यह महज 15 मिनट के भीतर कोरोना संक्रमण की जांच करने में सक्षम है। इस किट के इजाद को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि जांच में विलंब के कारण कोरोना संक्रमितों के इलाज में भी विलंब हो जाता है। इस कारण कई बार संक्रमितों को बचाना संभव नहीं हो पाता।

‘सेंसिट रैपिड कोविड-19 एजी किट’ संदिग्ध व्यक्ति से लिए गए नासॉफिरिन्जियल स्वैब का उपयोग करके नमूने एकत्र कर उसकी जांच करती है। यह किट ‘क्रोमैटोग्राफिक इम्यूनोसे’ तकनीक पर आधारित है। इसमें जैव-रासायनिक मिश्रण में मौजूद प्रोटीन का पता एंटीबॉडी के उपयोग से लगाया जाता है। खास बात यह है कि इसके द्वारा प्राप्त जांच निष्कर्ष को तत्काल देखा जा सकता है।

कोरोना वैक्सीन : महाराष्ट्र की सरकारी कंपनी हैफकाइन बायोफार्मा बनाएगी कोवैक्सिन की 22.8 करोड़ डोज https://senani.in/2021/06/03/haffkine-biopharma-to-produce-22-8-crore-doses-per-annum-of-covaxin-under-technology-transfer-arrangement-with-bharat-biotech/

ऐसे काम करती है किट

परीक्षण ‘सैंडविच इम्यूनोएसे’ के सिद्धांत पर काम करता है। जांच प्रक्रिया में यह प्रणाली विशिष्ट श्वेत रक्त कोशिका की क्लोनिंग द्वारा तैयार एंटीबॉडी की एक जोड़ी का उपयोग करती है जो मिश्रण में मौजूद कोविड-19 के एंटीजन से बंधते ही एक रंगीन रेखा के रूप में दिखाई देने लगती देती है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

24 महीने है किट की उम्र

यह किट क्रमशः 86 प्रतिशत और 100 प्रतिशत की संवेदनशीलता और विशिष्टता प्रदर्शित करती है। वहीं, इस किट की आयु 24 महीने है और इसका सफलतापूर्वक वाणिज्यीकरण किया जा चुका है।

स्वास्थ्यकर्मियों को मिलेगी राहत

हालांकि, कोरोना संक्रमण की त्वरित जांच के लिए हमारे पास एंटीजन परीक्षण पहले से ही मौजूद है, जो थोड़े ही समय के भीतर लिए गए नमूनों का परिणाम प्रदान कर देता है, लेकिन कई शोधकर्ताओं, संस्थान और उद्यमी सटीक, सस्ती और सुलभ परीक्षण किट विकसित करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। ऐसे प्रयासों से न केवल स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना संक्रमण की जांच में सहायता प्रदान की जा सकती है, बल्कि जैव प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा भी दिया जा सकता है।

आईसीएमआर ने दी स्वीकृति

‘सेंसिट रैपिड कोविड-19 एजी किट’ को यूबियो बायोटेक्नोलॉजी सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड ने जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) के सहयोग से विकसित किया है। इस किट को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने भी अपनी स्वीकृति दे दी है।

Leave a Reply