बिहार न्यूज : ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता करेंगे दूर-दराज के गांवों के कोरोना संक्रमितों की ट्रेसिंग, ट्रैकिंग और ट्रीटमेंट में मदद

एनआईओएस की परीक्षा में उत्तीर्ण हो चुके ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता किए जाएंगे प्रशिक्षित

अविनाश पांडेय || बिहारशरीफ

बिहार सरकार ने दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए सराहनीय पहल की है। इसके तहत गांवों में प्रशिक्षित ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता के जरिए ऐसे मरीजों की पहचान कर सहायता पहुंचाई जाएगी।

कोरोना वायरस की दूसरी लहर में हजारों की संख्या में लोग संक्रमित हुए। इनमें शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों का कोविड केयर सेंटर के साथ-साथ होम आइसोलेशन में भी इलाज किया गया। जिला मुख्यालय और प्रखंड मुख्यालय की बात करें, तो इनके आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को इलाज में अधिक परेशानी नहीं हुई। लेकिन, सुदूर ग्रामीण इलाकों के लोगों को इलाज की सुविधा पहुंचाने में शासन और प्रशासन दोनों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऐसे में चिकित्सा कर्मियों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से राज्य स्वास्थ्य समिति ने विशेष रणनीति बनाई है, जिससे ग्रामीण इलाकों में सरलता से कोविड-19 के संक्रमित लोगों और इलाजरत लोगों की सटीक निगरानी की जा सके। इसके लिए प्रशिक्षित ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता का कोविड-19 के मरीजों की पहचान के साथ होम आइसोलेशन में इलाज के लिए सहयोग लेने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में राज्य स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक प्रमुख (रोग नियंत्रण) डॉ. नवीन चंद्र प्रसाद ने सभी जिलों के सिविल सर्जन को पत्र भेजा था।

ट्रीटमेंट सपोर्टर के रूप में हो सकती है तैनाती

पत्र में निदेशक प्रमुख ने बताया कि प्रशिक्षित ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सेवा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रथम सूचक और ट्रीटमेंट सपोर्टर के रूप में प्राप्त की जाए। इनका मुख्य कार्य कोविड-19 के संभावित मरीजों की पहचान कर उनकी जांच के लिए नजदीकी पीएचसी व एपीएचसी को सूचना देना, रिपोर्ट में पॉजिटिव पाए गए कोविड मरीजों का होम आइसोलेशन के दौरान ट्रैकिंग के साथ-साथ जिला नियंत्रण कक्ष से उनका समन्वय स्थापित कराना, गंभीर मरीज के संबंध में यथाशीघ्र जिला स्तर के अस्पताल में भर्ती कराने के लिए सूचना देना तथा आउटकम रिपोर्टिंग शामिल है। लेकिन, इससे पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रवार ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को वर्चुअल माध्यम से (ऑनलाइन) प्रशिक्षित किया जाएगा।

प्रति मरीज दो सौ रुपये का होगा भुगतान

प्रशिक्षण में ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को कोविड-19 से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकरी दी जाएगी, जिससे उन्हें मरीज के इलाज व निगरानी में किसी प्रकार की कोई परेशानी या बाधा का सामना न करना पड़े। विभाग द्वारा निर्धारित कार्यों को संपन्न करने के बाद ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रति मरीज 200 रुपये का भुगतान किया जाएगा, जो उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही, ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा उपलब्ध कराई गई सभी जानकारियों को एकत्र किया जाएगा।

ये है योग्यता

हालांकि, उपरोक्त सभी निर्णय केवल एनआईओएस के माध्यम से जन स्वास्थ्य पाठ्यक्रम में सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के संबंध में लागू हैं।

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