नालंदा में कोविड टीकाकरण : पहले से कोविन पोर्टल पर रजिस्टर्ड लाभार्थियों को मिलेगी प्राथमिकता

दिव्यांग लाभार्थियों को भी टीकाकरण में दी जाएगी वरीयता

• सरकारी केंद्रों पर किया जा रहा नि:शुल्क टीकाकरण

• विभागों व जनप्रतिनिधियों की मदद से लोगों को किया जा रहा जागरूक

अविनाश पांडेय/बिहारशरीफ

नालंदा जिले में वैश्विक महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। टीकाकरण अभियान को गति देने के उद्देश्य से अहम निर्णय भी लिए जा रहे है। इसी के तहत फैसला लिया गया है कि अब पूर्व पंजीकृत लाभार्थियों का प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन करना है।

केंद्र सरकार के निर्देशानुसार जिले में कोविन पोर्टल पर पंजीकरण के आधार पर कोविड का टीकाकरण किया जा रहा है। इसके लिए कोविड पोर्टल पर ऑनलाइन एवं ऑनसाइट पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। इस संबंध में राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एनके सिन्हा ने पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। जारी पत्र में कहा गया है जिलों में संचालित कोविड-19 टीकाकरण के लिए सत्र स्थल पर पूर्व से ऑनलाइन पंजीकृत लाभार्थियों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण कराना सुनिश्चित किया जाए। इसके बाद ही ऑनसाइट पंजीकरण करने वालों का टीकाकरण कराया जाए।

दिव्यांग लाभार्थियों को मिलेगी प्राथमिकता

जिले में 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के बिहार के निवासियों का कोविड-19 टीकाकरण राज्य संसाधन स्तर से क्रय कर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क किया जा रहा है। इसी प्रकार 45 वर्ष या इससे अधिक आयु वर्ग के नागरिकों का केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई वैक्सीन द्वारा कराया जा रहा है।

विभागों व जनप्रतिनिधियों की मदद से किया जा रहा जागरूक

कई विभागों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मदद से भी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इनमें प्रखंड स्तर पर प्रतिनियुक्त कोविड-19 के नोडल अधिकारी, बीडीओ, संबंधित कार्यालय के अधिकारी, कर्मी, स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस एवं सहयोगी संस्थाओं में यूनिसेफ, डब्ल्यूएचओ, केयर इंडिया के साथ स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा सामुदायिक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। आईसीडीएस द्वारा संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविका, सहायिकाओं एवं आशा कार्यकर्ताओं द्वारा डोर टू डोर भ्रमण कर हर तरह के समुदाय को कोविड-19 टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

दोनों डोज लेने के बाद ही पूरा होगा सुरक्षा कवच

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राममोहन सहाय ने बताया कि पंचायत, प्रखंड व जिला स्तर पर विभिन्न माध्यमों द्वारा भी लोगों को कोविड-19 टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। दूसरी ओर, जिले के युवा भी टीकाकरण को लेकर उत्साहित हैं। लेकिन, जानकारी के अभाव में कई लोग यह सोच रहे हैं कि टीके की एक डोज लेने के बाद वह संक्रमण से बच सकते हैं, जो सरासर गलत है। जब तक कोई भी लाभार्थी टीके की दोनों डोज नहीं ले लेता, तब तक संक्रमण की आशंका से बचा नहीं जा सकता। इसलिए संक्रमण से सुरक्षा के लिए टीके की दोनों डोज आवश्यक हैं। यही नहीं, दोनों डोज लेने के बाद भी शारीरिक दूरी, मास्क और अन्य सुरक्षा उपायों को अपनाना जारी रखना होगा।

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