इंडिगो की पत्तियों का रस आंखों को लेजर विकिरण से बचाने में सक्षम

बेंगलुरु के रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (आरआरआई) और केंसरी स्कूल एंड कॉलेज के विशेषज्ञों ने किया शोध

senani.in || डिजिटल डेस्क

इंडिगो की पत्तियों के रस (डाई) को मानव आंखों को हानिकारक लेजर विकिरण से बचाने में सक्षम पाया गया है। ऐसे में इनका उपयोग हानिकारक विकिरण को कमजोर करने और मानव आंखों या अन्य संवेदनशील ऑप्टिकल उपकरणों को ऐसे वातावरण में अचानक क्षति से बचाने के लिए उपयोगी दवा विकसित करने में किया जा सकता है।

अभी कपड़ों को रंगने में होता है उपयोग

इंडिगोफेराटिनक्टोरिया या प्रसिद्ध इंडिगो पौधे से निकाली गई नीली डाई का उपयोग वर्षों से कपड़े और कपड़ों की सामग्री को रंगने के लिए किया जाता रहा है। हालांकि, सिंथेटिक इंडिगो डाई अब आम उपयोग के लिए प्राकृतिक किस्म में भी उपलब्ध है, जिसे वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं में स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पौधे की पत्तियों से निकाला जाता है।

अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में प्रकाशित हुआ अध्ययन

रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (आरआरआई), बेंगलुरु और केंसरी स्कूल एंड कॉलेज, बेंगलुरु के शोधकर्ताओं ने प्राकृतिक इंडिगो डाई के ऑप्टिकल गुणों का अध्ययन किया और पाया कि यह मानव आंखों को हानिकारक लेजर विकिरण से बचाने के लिए एक उपकरण के रूप में कार्य कर सकता है। केंद्र सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा वित्त पोषित यह अध्ययन, ‘ऑप्टिकल मैटेरियल्स’ नामक अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में प्रकाशित हुआ था।

कोरोना से जंग में महती भूमिका निभा रहे महाराष्ट्र के आदिवासी, जानें कैसे

ऐसे काम करती है डाई

शोधकर्ताओं ने इंडिगो की पत्तियों से डाई को निकाला और इसके प्राकृतिक गुणों को संरक्षित करने के लिए इसे चार डिग्री सेल्सियस से नीचे रेफ्रिजरेटर में संग्रहीत किया। इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम के विभिन्न तरंग दैर्ध्य में प्रकाश को कितना अवशोषित करता है? इस पर उनके अध्ययन से पता चला है कि अवशोषण स्पेक्ट्रम के पराबैंगनी क्षेत्र में अधिकतम 288 नैनोमीटर के तरंग दैर्ध्य पर और दृश्य क्षेत्र में 660 नैनोमीटर के करीब होता है। हरी बत्ती के लिए भी अवशोषण तुलनात्मक रूप से अधिक होता है। आणविक अवशोषण बैंड के कारण इंडिगो प्रकाश को अवशोषित करता है। आरआरआई के प्रोफेसर और अध्ययन के सह-लेखक, रेजी फिलिप ने बताया कि डाई के विलायक और एकाग्रता के आधार पर अधिकतम अवशोषण तरंगदैर्ध्य कई नैनोमीटर से भिन्न हो सकता है। तरंग दैर्ध्य के साथ अवशोषण की भिन्नता ने संकेत दिया कि क्लोरोफिल, एक कार्बनिक यौगिक प्रकाश संश्लेषण में भाग लेता है, जो डाई में मौजूद है।

अधिक प्रकाश को कर लेता है अवशोषित

शोधकर्ता यह अध्ययन करना चाहते थे कि क्या इनपुट प्रकाश की तीव्रता अधिक होने पर कार्बनिक डाई ने अतिरिक्त अवशोषण दिखाया है। टीम ने पाया कि जब वे लेजर पल्स की तीव्रता बढ़ाते हैं, तो डाई अधिक प्रकाश को अवशोषित करती है। अर्थात, यह उच्च तीव्रता वाले प्रकाश के लिए अधिक अपारदर्शी है। वैज्ञानिक ऐसी सामग्री को ‘ऑप्टिकल लिमिटर’ कहते हैं।

कोरोना से जंग में महती भूमिका निभा रहे महाराष्ट्र के आदिवासी, जानें कैसे

व्यावसायिक संभावना की तलाश

ऑप्टिकल लिमिटर्स शक्तिशाली लेजरों द्वारा उत्सर्जित संभावित हानिकारक विकिरण को कमजोर करने और दोनों आंखों तथा संवेदनशील ऑप्टिकल उपकरणों की रक्षा करने में उपयोगी होते हैं। रेजी ने बताया कि प्राकृतिक इंडिगो का उपयोग कर एक प्रोटोटाइप ऑप्टिकल लिमिटर बनाना अगला तार्किक कदम है। इसके बाद व्यावसायिक जरूरत को ध्यान में रखकर उत्पाद बनाना है।

Leave a Reply