मरीज के संपर्क में आने से नहीं होता ब्लैक फंगस

नेशनल टास्क फोर्स ने जारी की एडवाइजरी, ब्लैक फंगस संक्रामक रोग नहीं, अफवाहों पर न दें ध्यान

म्यूकोरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस से मधुमेह रोगियों को खतरा ज्यादा

इन बातों का रखें ध्यान

लक्षणों की रखें जानकारी, मास्क का नियमित करें इस्तेमाल

आपदा मित्र हेल्पलाइन 14410 से ले सकते हैं जरूरी सलाह

अविनाश पांडेय/बिहारशरीफ

म्यूकोरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस से बचाव के लिए कोविड- 19 नेशनल टास्क फोर्स और एक्सपर्ट ग्रुप द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें गंभीर रोग से प्रभावित लोगों को इस बीमारी से बचने की विशेष सलाह दी गई है। हां, ब्लैक फंगस किसी मरीज के संपर्क में आने से दूसरे व्यक्ति में नहीं होता। यानि यह कोरोना की तरह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता।

एक्सपर्ट ग्रुप ने इस रोग से जुड़े अफवाहों व भ्रांतियों से भी बचने की अपील की है। एक्सपर्ट ग्रुप के अनुसार म्यूकोरमाइकोसिस एक फंगस संक्रमण है, जिसका प्रसार एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं होता है।

बुखार-ठंड और कोविड जैसे लक्षण दिखें तो यहां करें फोन

बुखार व ठंड सहित कोविड 19 के अन्य लक्षण दिखने पर आपदा मित्र हेल्पलाइन नंबर 14410 या कोविड हेल्पलाइन नंबर 1912 पर फोन कर आवयश्क जानकारी ली जा सकती है। साथ ही हेल्थ हेल्पलाइन सेवा 104 से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

स्टेरायड सेवन करने वालों को करता है प्रभावित

म्यूकोरमाइकोसिस एक फंगल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से उन लोगों को प्रभावित करता है, जो अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दवा ले रहे हैं। विशेष रूप से स्टेरायड दवा लेने वालों को म्यूकोरमाइकोसिस अधिक प्रभावित करता है। ऐसे व्यक्तियों के साइनस या फेफड़े, हवा से फंगल बीजाणुओं के अंदर जाने के बाद प्रभावित होते हैं। म्यूकोरमाइकोसिस से ग्रस्त होने की आशंका उन लोगों को अधिक होती है, जो अनियंत्रित मधुमेह से प्रभावित हैं। इसके अलावा लंबे समय तक आइसीयू में भर्ती रहे मरीज, अंग प्रत्यारोपण आदि के रोगियों को भी यह बीमारी सबसे अधिक प्रभावित करती है।

लक्षण : आंख-नाक में दर्द व लाली हो तो रहें सावधान

म्यूकोरमाइकोसिस गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है। इसके लक्षणों में आंख तथा नाक के आसपास दर्द और लाली रहना, बुखार, सिर दर्द, खांसी, सांस लेने में कठिनाई, खूनी की उल्टी व मानसिक स्थिति में बदलाव शामिल हैं।

बचाव के उपायों को अपनाएं और मास्क लगाएं

विशेष सुरक्षात्मक उपाय अपनाकर म्यूकोरमाइकोसिस की रोकथाम की जा सकती है। यदि धूल भरे निर्माण स्थल पर जा रहे हैं तो मास्क का इस्तेमाल अवश्य करें। मिट्टी, बागवानी, काई या खाद आदि से जुड़े काम करते समय जूते, लंबी पैंट, पूरी बाजू वाली कमीज और दस्ताने अवश्य पहनें।

मधुमेह पीड़ित लोगों को रखना है अधिक ध्यान

कोविड 19 नेशनल टास्क फोर्स और एक्सपर्ट ग्रुप द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि कोविड-19 रोगियों सहित मधुमेह रोगियों एवं कमजोर इम्युनिटी वाले व्यक्तियों में म्यूकोरमाइकोसिस होने की आशंका अधिक होती है। ऐसे लोगों को यदि नाक में रुकावट या जमाव, नाक और कान से खूनी स्राव, गाल की हड्डी पर दर्द, चेहरे के एक तरफ दर्द, सुन्न और सूजन होना, नाक व तालू के ऊपर कालापन आना, दांत में दर्द, दांतों का ढीलापन, जबड़े में दिक्कत आदि हो तो म्यूकोरमाइकोसिस होने की आशंका बहुत अधिक होती है। इसके अलावा सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी भी म्यूकोरमाइकोसिस होने के लक्षण हैं।

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