होम आइसोलेशन के नियमों में संशोधन, 10 दिनों तक मरीजों को निगरानी चार्ट भरने की सलाह

हल्के और बिना लक्षण वाले मरीजों को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह

होम आइसोलेशन के दौरान ऑक्सिमीटर रिकॉर्डिंग और थर्मल स्क्रीनिंग बेहद जरूरी

senani.in

अविनाश पांडेय/बिहारशरीफ

कोरोना की दूसरी लहर में लोगों को अधिक सतर्क रहने की निरंतर सलाह दी जा रही है। कोरोना की पहली लहर की तुलना में इस बार अधिक लोग अस्पतालों तक पहुंच भी रहे हैं। लेकिन, हल्के या बिना लक्षण वाले कोविड मरीज घर पर रहकर भी स्वस्थ हो सकते हैं।

इसको लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने होम आइसोलेशन के नियमों में बदलाव करते हुए संशोधित गाइडलाइन जारी की है।

नई गाइडलाइन में जुड़ी हैं नई बातें

यद्यपि, पिछले साल दो जुलाई को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोविड-19 के माइल्ड एवं बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए होम आइसोलेशन की सलाह दी थी। लेकिन, नई गाइडलाइन में कोरोना की दूसरी लहर के मद्देनजर इसमें कुछ बदलाव किए गए हैं। वह निम्न हैं-

-योग्य मरीजों को ही होम आइसोलेशन में रहने की सलाह

-होम आइसोलेशन के लिए इलाज कर रहे चिकित्सक द्वारा जांच के आधार पर हल्के/बिना लक्षण वाले मरीज के तौर पर प्रमाणित करने की जरूरत अनिवार्य

-ऐसे मामलों में मरीज के घर पर सेल्फ-आइसोलेशन और परिवार के लोगों को क्वारंटाइन करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए

-मरीज की देखभाल करने वाले व्यक्ति को 24×7 आधार पर उपलब्ध रहना चाहिए

-मरीज की देखभाल कर रहे व्यक्ति और करीबी लोगों को चिकित्सक के परामर्श के मुताबिक हाइड्रोक्सीक्लोक्व़ाइन प्रोफाइलैक्सिस लेनी चाहिए

ऐसे भरें निगरानी चार्ट

गाइडलाइन में होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना मरीजों को 10 दिनों तक निगरानी चार्ट भरने की सलाह दी गई है। निगरानी चार्ट में प्रत्येक दिन के शरीर के तापमान एवं ऑक्सिमीटर से ह्रदय गति एवं ऑक्सीजन के स्तर को भरने की सलाह दी गई है।

-साथ ही निगरानी चार्ट में प्रत्येक दिन की स्थिति भी भरने की बात कही गई है। जैसे स्थिति पहले से बेहतर, पहले जैसी या उससे खराब हुई है।

पल्स ऑक्सिमीटर एवं थर्मल गन से ऐसे लें सही रीडिंग

घर पर उपचार करने वाले रोगियों को शरीर के तापमान एवं ऑक्सीजन लेवल की जानकारी रखना बेहद जरूरी माना गया है। इसके लिए घर में पल्स ऑक्सिमीटर एवं थर्मल गन रखने की सलाह दी गई है।

-पल्स ऑक्सिमीटर में यह सुनिश्चित करें कि स्क्रीन पर संख्या दिख रही हो

-यदि ऑक्सीजन का स्तर 95 से कम होता है तो व्यक्ति को तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए

-गलत रीडिंग से बचने के लिए नेल पॉलिश लगी ऊंगली में जांच न करें

-थर्मल गन से तापमान सौ डिग्री फारेनहाइट या इससे अधिक है तो इसे बुखार माना जाता है

-किसी दूसरे व्यक्ति को थर्मल गन देने से पहले इसे सैनिटाइज जरूर करें

इन परिस्थितियों में डॉक्टर की सलाह जरूरी

-सांस लेने में तकलीफ होने पर

-ऑक्सीजन का स्तर 94 से कम होने पर

-सीने में लगातार दर्द का बने रहना या अचानक बढ़ जाना

-मानसिक रूप से अधिक परेशान होने पर

होम आइसोलेशन के बाद दोबारा जांच की जरूरत नहीं

होम आइसोलेशन में रहने वाले रोगी 10 दिनों के बाद बाहर आ सकते हैं। होम आइसोलेशन से बाहर आने के बाद जांच की कोई आवश्यकता नहीं होती है। होम आइसोलेशन के दौरान रोगी अधिक से अधिक आराम करें और खूब पानी पीकर शरीर में पानी की मात्रा बढ़ाएं।

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