रेलवे के 86 अस्पतालों में लगेंगे ऑक्सीजन प्लांट, महाप्रबंधकों के वित्तीय अधिकार बढ़े

वर्तमान में रेलवे के चार अस्पतालों में ही ऑक्सीजन संयंत्र, 52 और में लगाने को मंजूरी, शेष विभिन्न चरणों में

रेलवे अस्पतालों में कोविड के इलाज के लिए बेडों की संख्या 2539 से बढ़ाकर की गई 6972

सोनाली सिंह || डिजिटल डेस्क

देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे अपने सभी 86 कोविड अस्पतालों में रेलवे ऑक्सीजन प्लांट लगाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है।

भारतीय रेल कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। वह एक तरफ जहां ऑक्सीजन से लदी ऑक्सीजन एक्सप्रेस को तेजी से अलग-अलग हिस्सों में पहुंचा रही है, वहीं दूसरी ओर यात्री और माल ढुलाई की आवाजाही भी जारी रखे हुए है।

इसके साथ ही रेलवे ने अपनी आंतरिक चिकित्सा सुविधाओं को भी चाक-चौबंद कर लिया है। इसके तहत देश के 86 रेलवे अस्पतालों की क्षमता में व्यापक वृद्धि की जाएगी। वर्तमान में रेलवे के अस्पतालों में चार ऑक्सीजन प्लांट काम कर रहे हैं। 52 और को मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा 30 ऑक्सीजन प्लांट विभिन्न चरणों में हैं। रेलवे का उद्देश्य अपने सभी कोविड अस्पतालों को ऑक्सीजन संयंत्रों से लैस करना है।

चार मई को जारी पत्र के अनुसार एमएंडपी (मशीनरी एंड प्लांट) के अंतर्गत महाप्रबंधकों को और अधिकार दिए गए हैं, जिससे वे दो करोड़ रुपये तक की लागत वाले ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों को मंजूरी दे सकेंगे। इसके अलावा भी बहुत सारे उपाय किए गए हैं।

आईसीयू बेड और वेंटिलेटर बढ़े

रेलवे के कोविड अस्पतालों में पिछले कुछ दिनों में बेडों की संख्या 2539 से बढ़ाकर 6972 कर दी गई है। कोविड अस्पतालों में आईसीयू बिस्तरों की संख्या 273 से बढ़ाकर 573 कर दी गई है। इन्वेसिव वेंटिलेटर की संख्या 62 से बढ़ाकर 296 कर दी गई है। रेल अस्पतालों में महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण जैसे बीआईपीएपी मशीन, ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर आदि की सुविधा जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। भारतीय रेल ने यह भी निर्देश जारी किया है कि कोविड प्रभावित कर्मचारियों को पैनल में शामिल अस्पतालों में जरूरत के अनुसार रेफरल आधार पर भर्ती किया जा सकता है। रेलवे अस्पतालों में इस विशाल क्षमता वृद्धि से आपात स्थिति से निपटने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे की शुरुआत करने में मदद मिलेगी।

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