तेजी से बढ़ रहा चक्रवाती तूफान ‘तौकते’, आज शाम गुजरात के तटीय इलाकों से टकराने के आशंका

पूर्व-मध्य अरब सागर में बरपा सकता है कहर, गुजरात और दीव में तूफान से होगा भारी नुकसान, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

senani.in || डिजिटल डेस्क

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के अनुसार चक्रवाती तूफान तौकते काफी तेजी से बढ़ रहा है और इसके आज शाम तक गुजरात के तटीय इलाकों से टकराने की आशंका है। इससे काफी नुकसान की आशंका है। इसके मद्देजनजर तटीय इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार तूफान पिछले छह घंटों के दौरान 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा था। अब वह बहुत तेज हो गया है। सोमवार को ही सुबह साढ़े पांच बजे पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर मौजूद रहा। यानी 18.5oउत्तर अक्षांश और 71.5o पूर्व देशांतर के निकट कायम था। यह क्षेत्र मुंबई से 160 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण पश्चिम, वेरावल (गुजरात) से 290 किलोमीटर, दक्षिण-दक्षिण पूर्व और दीव से 250 किलोमीटर दक्षिण दक्षिण पूर्व से दूर है। यह कराची (पाकिस्तान)से 840 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पूर्व मौजूद था।

पोरबंदर और भावनगर के लिए अगले कुछ घंटे अहम

ग्राफ साभार : पीआईबी हिंदी

अनुमान है कि चक्रवाती तूफान उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में मुड़ेगा और 17 मई (सोमवार) की शाम गुजरात पहुंच जाएगा। वहां यह रात आठ बजे से साढ़े आठ बजे के बीच पोरबंदर और महुवा (भावनगर) के तटों से टकराएगा। इस इलाके में यह कहर बरपा सकता है। हवा की रफ्तार प्रति घंटे 155-165 से 185 किलोमीटर हो सकती है।

कहां-कहां बारिश की चेतावनी

कोंकण और मध्य महाराष्ट्र

17 मई को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा और 18 मई को उत्तरी कोंकण में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा का अनुमान है।

गुजरात में कल भारी बारिश की आशंका

गुजरात सौराष्ट्र के दक्षिणी जिलों, दीव और गुजरात क्षेत्र में 17 व 18 मई को अधिकांश स्थानों पर भारी और बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है। इस दौरान कच्छ में छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है।

राजस्थान में दो दिन होगी भारी बारिश

राजस्थान में 18 मई को दक्षिण राजस्थान के ऊपर तथा 19 मई को राजस्थान के ऊपर कई स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है। राजस्थान में 19 मई को कई स्थानों पर तेज बारिश होने का अनुमान है।

दो सौ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवा

अगले छह घंटों के दौरान पूर्व-मध्य अरब सागर में 180-190 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। इसकी रफ्तार बढ़कर 210 किमी प्रति घंटा हो सकती है।
17 मई को महाराष्ट्र के तट से दूर और आसपास आंधी चलने का अनुमान है, जिसकी गति 80-90 किमी प्रति घंटा से बढ़कर 100 किमी प्रतिघंटा हो सकती है।
उत्तर-पूर्व अरब सागर के आसपास के इलाके में आंधी की स्थिति बनी हुई है। वहां 90-100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं, जो बढ़कर 110 किमी प्रतिघंटा हो सकती हैं। आंधी धीरे-धीरे तेज होगी और दोपहर बाद 12 घंटे तक 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेगी। उसके बाद उसकी गति कम होने लगेगी।

दक्षिण गुजरात के तट से दूर और दमन व दीव तटों 70-80 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी के आसार हैं, जिसकी रफ्तार बढ़कर 90 किमी प्रतिघंटा हो जायेगी। आशंका है कि आंधी की गति 155-165 किमी प्रति घंटा तक हो जायेगी और बढ़ते-बढ़ते 185 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। आंधी की यह स्थिति गुजरात के तट से दूर व तट के आसपास (जूनागढ़, गिर सोमनाथ, अमरेली, भावनगर) में रहेगी। इसके अलावा भरूच, आणंद, दक्षिण अहमदाबाद, बोताड, पोरबंदर में 120-140 किमी प्रतिघंटा, देवभूमि द्वारका, जामनगर, राजकोट, मोरबी, खेड़ा में सोमवार रात से 18 मई की भोर तक 90-100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी, जिसकी गति 165 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। दादर, नागर हवेली, दमन तट से दूर व आसपास वलसाड, नवसारी, सूरत, सुरेन्द्रनगर में 17 मई की शाम से 18 मई की सुबह तक 80-90 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है, जिसकी रफ्तार बढ़कर 100 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है।

समुद्री हालात

ग्राफ साभार : पीआईबी हिंदी

-18 मई की सुबह तक पूर्व-मध्य अरब सागर और उत्तर-पूर्व अरब सागर के आसपास के इलाकों में समुद्री हालात संगीन रहेंगे। हालांकि, धीरे-धीरे उनमें सुधार आ जाएगा।

-अगले 12 घंटों के दौरान महाराष्ट्र के तट से दूर और आसपास के इलाके में समुद्री लहरों में उफान आएगा, जो काफी बढ़ सकता है। उसके बाद हालात सामान्य होने लगेंगे।

-अगले छह घंटों के लिए आशंका व्यक्त की गई है कि दक्षिण गुजरात के तट से दूर व आसपास के इलाके में, दमन, दीव, दादर एवं नागर हवेली के तटों पर ऊंची लहरें उठेंगी। यह स्थिति 18 मई की भोर तक मौजूद रहेगी और उसके बाद स्थिति सामान्य होती जाएगी।

तूफान तेज होने की चेतावनी

तटीय इलाकों में ज्वार-भाटा के हालात बनेंगे, इसका विवरण इस प्रकार है-

-अमरेली, गिर सोमनाथ, दीव, भावनगर में तीन मीटर तक की लहरें उठेंगी।

-भरूच, आणंद, अहमदाबाद के दक्षिणी इलाके में 2-3 मीटर, सूरत, नवसारी, वलसाड में 102 मीटर तथा गुजरात के बाकी तटीय इलाकों में 0.5-1 मीटर ऊंची लहरें उठेंगी। यह स्थिति उस समय बनेगी, जब तूफान गुजरात के तट से टकराएगा।

मछुआरों के लिए चेतानवी

-पूर्व-मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र के तटीय इलाकों, गुजरात, दामन, दीव, दादर व नागर हवेली के समुद्री इलाकों में मछली पकड़ने की गतिविधियों को रोक दिया गया है।

-मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे पूर्व-मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र-गोवा तटीय क्षेत्र, उत्तर-पूर्व अरब सागर, गुजरात, दामन, दीव, दादर व नागर हवेली के समुद्री इलाकों में 18 मई, 2021 तक मछली पकड़ने न जाएं।
जो मछुआरे उत्तर अरब सागर में मछली पकड़ने निकले हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे फौरन लौट आएं।

गुजरात के, पोरबंदर, अमरेली,जूनागढ़, गिर सोमनाथ, बोताड और भावनगर जिलों तथा अहमदाबाद के तटीय इलाकों में नुकसान का अनुमान

-झोपड़ियां पूरी तरह ध्वस्त हो जाएंगी। कच्चे मकानों को भारी नुकसान होगा। पक्के घरों को कुछ नुकसान। आंधी के साथ उड़कर आने वाली चीजों से संभावित खतरा।

-बिजली तथा संचार के खंभे टूट सकते हैं या उखड़ सकते हैं।

-कच्ची एवं पक्की सड़कों को बड़ा नुकसान, रास्तों पर पानी भर जायेगा, रेलवे, ओवरहेड बिजली की लाइनों तथा सिग्नल प्रणाली में मामूली बाधा।

-समुद्री नमक को सुखाने वाले क्षेत्रों तथा खड़ी फसलों को व्यापक नुकसान, घने पेड़ों के हवा में उखड़ जाने की संभावना।
छोटी नावों, डोंगियों के लंगर टूटने का खतरा।

यहां दृश्यता गंभीर रूप से होगी प्रभावित

-देवभूमि द्वारका, कच्छ, जामनगर, राजकोट व मोरबी, वलसाड, सूरत, वदोडरा, भरूच, नवसारी, आणंद, खेड़ा और अहमदाबाद के अंदरूनी इलाकों में नुकसान की आशंका

-फूस के घरों/झोपड़ियों को भारी नुकसान। घर की छतें उड़ सकती हैं। बिना जुड़ी हुई धातु की चादरें उड़ सकती हैं।

-बिजली तथा संचार के खंभों को हल्का नुकसान।

-कच्ची सड़कों को बड़ा नुकसान एवं पक्की सड़कों को कुछ नुकसान। रास्तों पर पानी भर सकता है।

-पेड़ों की शाखाओं का टूटना, बड़ी सड़कों पर लगे पेड़ों का उखड़ना, केले एवं पपीते के पेड़ों को मामूली नुकसान, बड़ी सूखी टहनियां टूट सकती हैं।

-तटीय फसलों को नुकसान।
बांधों/नमक सुखाने वाले रकबे को नुकसान।

लोगों को सुझाव

ग्राफ साभार : पीआईबी हिंदी

-संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को निकालने पर जोर।

-मछली पकड़ने की सारी गतिविधियों को पूरी तरह स्थगित करना।

-रेल एवं सड़क यातायात को सोच-समझकर चालू करना चाहिए।

प्रभावित क्षेत्रों में लोग अपने घरों में रहें।

-मोटर बोट तथा छोटी नौकाओं में आवाजाही असुरक्षित है। इससे बचें।

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