जीवन शैली और खान-पान में थोड़ा सा बदलाव आपको कोरोना से रखेगा दूर

छोटी-छोटी लापरवाही से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता होती है कमजोर, इन्हें जल्द से जल्द पहचानकर अपनी इम्युनिटी बनाएं मजबूत।

सोनाली सिंह || लखनऊ

कोरोना से बचाव के लिए डॉक्टरों द्वारा बताए जा रहे उपायों में खान-पान और जीवन शैली में बदलाव प्रमुख हैं। उनका कहना है कि अच्छे खान-पान से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी। इससे वह कोरोना ही क्या, अन्य बीमारियों से भी बच सकता है।

भोपाल के पंडित खुशीलाल शर्मा गवर्नमेंट आयुर्वेद कॉलेज एंड इंस्टीट्यूट के बैचलर स्टूडेंट और आयुर्वेद के विशेषज्ञ शैलेश त्रिपाठी के अनुसार मौसम, वातावरण और तापमान में बदलाव के कारण सर्दी, बुखार, सूखी खांसी, कफ बनना आदि समस्याएं लोगों में अधिक देखने को मिल रही हैं। यही बीमारियां आगे चलकर विकराल रूप ले सकती हैं। ये बीमारियां पहले न्यूमोनिया, टाइफाइड और अंत में कोरोना वायरस होने की आशंका को बढ़ाती हैं। इसलिए आवश्यक है कि हम अपने घरों में रहकर ही कुछ उपाय करें और सुरक्षित तथा स्वस्थ रहें।

शैलेश त्रिपाठी के सुझाव

-कोरोना की स्थिति सामान्य होने तक खाली पेट न रहें और उपवास न करें

-रोजाना एक घंटा धूप लें और एसी का प्रयोग बिल्कुल न करें

-सरसों का तेल नाक में लगाएं

-घर में कपूर और गूगल जलाएं, कपूर और लौंग डालकर धुनी दें

-हर पकती हुई सब्जी में आधा चम्मच सौंठ डालें

-रात में दही न खाएं। रात में एक कप हल्दी वाला दूध पीएं

-हो सके तो रोजाना एक चम्मच च्यवनप्राश खाएं

-सुबह की चाय में एक लौंग डालकर पीएं

-खट्टे फल, संतरा ज्यादा से ज्यादा खाएं

-आंवले का सेवन अवश्य करें

-अचार, मुरब्बा, चूर्ण इत्यादि किसी भी रूप में खाएं

-दूध में हल्दी व आंवला आपके शरीर में इम्युनिटी को बढ़ाते हैं

सबको वैक्सीन लगने तक न बरतें लापरवाही

शैलेश त्रिपाठी के अनुसार कोरोना वायरस को हराने और खुद सुरक्षित रहने के लिए उपरोक्त सभी उपाय आवश्यक हैं। उनके अनुसार जब तक देश में टीकाकरण का अभियान पूरा नहीं हो जाता, तब तक हमें कोरोना के खिलाफ जंग को मजबूती के साथ लड़ना होगा। ऊपर बताए गए उपायों को अपने जीवन शैली का अंग बनाना होगा।

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