एंटीजन रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद आरटीपीसीआर टेस्ट की जरूरत नहीं

आईसीएमआर ने कोरोना टेस्टिंग को लेकर जारी की नई गाइडलाइन, रैपिड एंटीजन टेस्ट के दायरे को बढ़ाने पर जोर

हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद मरीज की आरटीपीसीआर टेस्ट रिपीट न करने की सलाह

स्वस्थ व्यक्ति के लिए दूसरे राज्य की यात्रा करने पर टेस्ट अनिवार्य नहीं

senani.in

अविनाश पांडेय || बिहारशरीफ

प्रतीकात्मक तस्वीर

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कोरोना की जांच को लेकर नई गाइडलाइन जारी की हैं। इसमें कहा गया है कि एंटीजन टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद आरटीपीसीआर टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है। साथ ही देशभर में एंटीजन टेस्ट के दायरे को भी बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया है।

बार-बार न कराएं जांच

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर देशभर में अत्यंत संक्रामक हो रही है। इस कारण संक्रमित होने के बाद लोग कई बार आरटी-पीसीआर टेस्ट भी करा रहे हैं। इससे प्रयोगशालाओं पर अनावश्यक दबाव बन रहा है और जरूरतमंदों को रिपोर्ट समय पर नहीं मिल पा रही है। इसको लेकर आईसीएमआर ने कोरोना संक्रमित मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद आरटीपीसीआर टेस्ट रिपीट न करने की सलाह दी है।

फ्लू के लक्षण हों तो न करें यात्रा

अभी तक दूसरे राज्य की यात्रा करने के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट को अनिवार्य किया गया था। लेकिन, टेस्ट की संख्या में हुई अचानक वृद्धि से प्रयोगशालाओं को सही समय पर रिपोर्ट देने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए आईसीएमआर ने स्वस्थ व्यक्ति के लिए दूसरे राज्य की यात्रा करने पर आरटीपीसीआर टेस्ट की अनिवार्यता खत्म करने की सलाह दी है। लेकिन, यात्रा करने वाले लोगों को कोविड के अनुरूप व्यवहार का सख्ती से अनुपालन करने की भी बात कही गई है। साथ ही आईसीएमआर ने भी यह भी कहा है कि यदि किसी व्यक्ति में फ्लू के लक्षण हों तो वह यात्रा करने से परहेज करे।

आम आदमी तक पहुंचे जांच की सुविधा

गाइडलाइन में कहा गया है कि रैपिड एंटीजन टेस्ट की शुरुआत देश में पिछले साल जून के महीने में की गई थी। अभी इसकी उपलब्धता कंटेन्मेंट जोन और स्वास्थ्य इकाइयों तक ही सीमित है। आईसीएमआर ने रैपिड एंटीजन टेस्ट की उपलब्धता स्कूल, कॉलेज, ऑफिस, कम्युनिटी सेंटर सहित अन्य उपलब्ध खाली जगहों पर सुनिश्चित करने की बात कही है। इसे सरकारी अस्पताल के साथ अन्य प्राइवेट अस्पतालों में भी उपलब्ध कराने की सलाह दी है। साथ ही रैपिड एंटीजन डेडिकेटेड बूथ की स्थापना शहर, कस्बों और गांवों में भी करने की बात कही है ताकि आम लोगों को आसानी से टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध हो सके।

आईसीएमआर की ओर से जारी अन्य दिशा-निर्देश

-सभी राज्य उपलब्ध आरटी-पीसीआर टेस्ट पूरी क्षमता से करें

-एंटीजन टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद आरटीपीसीआर टेस्ट से संक्रमण पुनः कन्फर्म न करें

-कोविड लक्षण वाले रोगी की रैपिड एंटीजन टेस्ट नेगेटिव आने के बाद आरटीपीसीआर टेस्ट करने की बात कही गई है, लेकिन रिपोर्ट आने तक ऐसे मरीजों को होम आइसोलेशन में ही रहने की जरूरत है

-सभी आरटीपीसीआर एवं रैपिड एंटीजन टेस्ट के परिणाम को आईसीएमआर के पोर्टल पर अपलोड करना

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