कोरोना मरीजों के लिए संकट मोचक बनकर उभरा रेलवे, एक-एक व्यक्ति की सांस बचाने के लिए दिन-रात काम कर रहे इसके कर्मचारी

34 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों ने 137 टैंकरों के जरिए देशभर में पहुंचाई 2067 मीट्रिक टन ऑक्सीजन

senani.in || डिजिटल डेस्क

देश के विभिन्न हिस्सों में ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिए हो रही आपूर्ति, तस्वीर साभार : सोशल मीडिया

कोरोना की दूसरी लहर में एक-एक सांस के लिए संघर्ष कर रहे मरीजों के लिए रेलवे संकट मोचक बनकर उभरा है। रेलवे अधिकारी और कर्मचारी बिना रुके, बिना थके ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिए विभिन्न राज्यों में ऑक्सीजन पहुंचा रहे हैं। इसके लिए ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनें चला रहे लोको पायलट और गार्ड जितने बधाई के पात्र हैं, उतने ही रास्ते में पड़ने वाले स्टेशनों के कर्मचारी भी हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ऑक्सीजन एक्सप्रेस को ग्रीन कॉरिडोर यानी ग्रीन सिग्नल उपलब्ध कराने में ये कर्मचारी रात-दिन जी जान से जुटे हैं। स्वयं रेल मंत्री पीयूष गोयल भी एक-एक ट्रेन का अपडेट ले रहे हैं।

रेलवे और कर्मचारियों पर है गर्व

देशवासियों और आपके प्रिय हिंदी न्यूज पोर्टल senani.in को रेलवे और इसके कर्मचारियों पर गर्व है। कोरोना के खिलाफ जारी इस जंग में आने वाली बाधाओं पर काबू पाने और नए समाधान तलाशने के लिए भारतीय रेलवे विभिन्न राज्यों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) पहुंचाकर लोगों को राहत देने की अपनी यात्रा को जारी रखे हुए है। भारतीय रेलवे अब तक देश के विभिन्न राज्यों में 137 टैंकरों के माध्यम से 2067 (अनुमानित) मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन पहुँचा चुका है। अब तक 34 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनें अपनी यात्रा पूरी कर चुकी हैं। अभी स्थिति सामान्य होने तक ये सफर जारी रहेगा।

कहां कितनी ऑक्सीजन पहुंचाई

रेलवे की ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनें महाराष्ट्र को 174 मीट्रिक टन, उत्तर प्रदेश को 641 मीट्रिक टन, मध्य प्रदेश को 190 मीट्रिक टन, हरियाणा को 229 मीट्रिक टन और तेलंगाना को 123 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचा चुकी हैं। इसके अलावा रेलवे के जरिए दिल्ली को 707 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचाई गई है। इस ऑक्सीजन से ही लाखों कोरोना मरीजों की जान बचाई जा सकी है।

Leave a Reply