क्या संक्रमितों के संपर्क में आने से पालतू जानवरों को भी हो सकता है कोरोना, जरूर पढ़ें यह खबर

बज चुकी है खतरे की घंटी, जानवरों को न आने दें संक्रमितों के संपर्क में, मरीजों का जूठा खाना भी न दें जानवरों को

कोरोना पर जानवरों के लिए प्रोटोकॉल तैयार करने में जुटे विशेषज्ञ, तब तक बरतें एहतियात

senani.in || डिजिटल डेस्क

प्रतीकात्मक तस्वीर

अब तक हम यही सुनते आ रहे थे कि कोरोना वायरस एक संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से दूसरे में पहुंच रहा है। लेकिन, इसका एक चिंताजनक पक्ष यह भी सामने आ रहा है कि यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले पालतू जानवरों में भी पहुंच सकता है।

हैदराबाद के नेहरू जूलॉजिकल पार्क के आठ एशियाई शेर कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि इन शेरों में यह बीमारी चिड़ियाघर के ही किसी संक्रमित कर्मचारी या दर्शक के संपर्क में आने से पहुंची है। ऐसे में यह आशंका अगर सही साबित हुई तो पालतू जानवरों जैसे कुत्ते, बिल्ली, गाय भैंस या तोते जैसे पालतू पक्षियों में भी यह बीमारी पहुंच सकती है।

इसलिए घर में अगर किसी को कोरोना संक्रमण हुआ है तो बेहतर होगा कि पालतू जानवरों को भी उनके संपर्क में न आने दिया जाए। साथ ही उनका झूठा खाना भी पालतू जानवरों को न दिया जाए। विशेषज्ञों का भी कहना है कि अक्सर जानवरों में होने वाली बीमारियां संपर्क में आने पर मनुष्य में हो जाती हैं। इसी तरह मनुष्यों की बीमारियां भी संपर्क में आने पर पालतू जानवरों में हो सकती हैं। इसलिए सावधान रहने की बेहद जरूरत जरूरत है।

इस घटना ने बढ़ा दी है चिंता

प्रतीकात्मक तस्वीर

हैदराबाद चिड़ियाघर के आठ एशियाई शेरों को कोरोना संक्रमित पाया गया है। हालांकि, चिड़ियाघर प्रशासन का कहना है कि इन शेरों की स्थिति अब खतरे से बाहर है। इनकी उचित देखभाल की जा रही है। साथ ही आवश्यक उपचार भी किया जा रहा है। इससे इनकी हालत में सुधार है और इनका व्यवहार तथा खानपान भी अच्छा हो रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर चिड़ियाघर के सभी कर्मचारियों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा चिड़ियाघर को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है। इस घटना के बाद जानवरों के संबंध में प्रोटोकॉल तैयार करने के लिए विशेषज्ञों ने मंथन शुरू कर दिया है।

कोविड के बारे में अभी बहुत कुछ जानना शेष

शैलेश त्रिपाठी, आयुर्वेद विशेषज्ञ

भोपाल के पंडित खुशीलाल शर्मा गवर्नमेंट आयुर्वेद कॉलेज एंड इंस्टीट्यूट के बैचलर स्टूडेंट शैलेश त्रिपाठी के अनुसार जानवरों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत ज्यादा होती है क्योंकि वह प्राकृतिक चीजें खाते हैं। इसके बावजूद हम यह नहीं कह सकते कि जानवरों के संपर्क में आने से मनुष्यों में कोई बीमारी नहीं फैलेगी या मनुष्यों के संपर्क में आने से जानवरों में यह बीमारी नहीं पहुंचेगी। इसका कारण यह है कि पालतू जानवर मनुष्यों के हमेशा आस-पास रहते हैं। साथ ही जानवर अक्सर मनुष्यों का जूठा खाना भी खाते हैं। इसलिए दोनों में एक-दूसरे के संपर्क में आने पर बीमारियों के आदान-प्रदान की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। खासतौर पर कोरोना संक्रमण की स्थिति में यह खतरा 80% तक बढ़ जाता है। इसलिए जब तक सरकार का कोई नया दिशा-निर्देश नहीं आ जाता, तब तक विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। क्योंकि, थोड़ी सी भी लापरवाही से स्थिति बिगड़ सकती है। अगर जानवरों में भी यह बीमारी फैलने लगी तो हालात और खराब हो जाएंगे।

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