पीएम केयर्स फंड से सौ अस्पतालों में लगेंगे ऑक्सीजन प्लांट

पिछले साल कोरोना काल में केंद्र सरकार ने स्थापित किया था पीएम केयर्स फंड, इसमें देशभर के लोगों और कंपनियों ने दिया था चंदा

senani.in, डिजिटल डेस्क

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

केंद्र सरकार ने पीएम केयर्स फंड से देश के सौ अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का फैसला किया है। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की मौत की विचलित करने वाली खबरें आ रही हैं। इसी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

इसके अलावा केंद्र सरकार के अधिकार प्राप्त समूह ने कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित 12 राज्यों में ऑक्सीजन स्रोतों के लिए संभावना तलाशना शुरू कर दिया है।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने देश में पर्याप्त मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए एक समीक्षा बैठक की। इसमें स्वास्थ्य, डीपीआईआईटी, इस्पात, सड़क परिवहन आदि मंत्रालयों से प्राप्‍त जानकारी भी साझा की गई।

प्रधानमंत्री मोदी ने उन 12 राज्यों (महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान) में ऑक्सीजन की आपूर्ति की वर्तमान स्थिति और अनुमानित उपयोग के बारे में विस्‍तृत जानकारी हासिल की, जहां आने वाले 15 दिनों में इसकी सबसे अधिक आवश्‍यकता होगी।

प्रधानमंत्री को बताया गया कि केंद्र व राज्य सरकारें नियमित संपर्क में हैं और ऑक्सीजन की अनुमानित मांग को एक-दूसरे के साथ साझा किया जा रहा है। अनुमानित मांग को पूरा करने के लिए इन 12 राज्यों को क्रमश: 4,880 मीट्रिक टन, 5,619 मीट्रिक टन और 6,593 मीट्रिक टन ऑक्‍सीजन आवंटित की गई है।

प्रधानमंत्री को ऑक्सीजन की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए देश की उत्पादन क्षमता के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री ने प्रत्येक संयंत्र की क्षमता के अनुसार ऑक्सीजन उत्पादन बढ़ाने का सुझाव दिया। यह चर्चा की गई कि स्टील संयंत्रों में उपलब्ध अतरिक्त ऑक्सीजन का चिकित्सा उपयोग के लिए इस्तेमाल किया जाए।

प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को पूरे देश में ऑक्सीजन ले जाने वाले टैंकरों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा ऑक्सीजन टैंकरों की हर प्रकार की अंतरराज्यीय आवाजाही को परमिट के पंजीकरण से छूट दी, ताकि वे आसानी से आ-जा सकें।

साथ ही राज्यों और ट्रांसपोर्टरों से कहा गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि शिफ्टों में काम करने वाले ड्राइवरों के साथ टैंकर चौबीस घंटे चलें, ताकि वे तेजी से पहुंच सकें और मांग में वृद्धि को पूरा करने के लिए पर्याप्त क्षमता सुनिश्चित की जा सके। सिलेंडर भरने वाले संयंत्रों को भी आवश्यक सुरक्षा उपायों के साथ 24 घंटे काम करने की अनुमति दी जाएगी। सरकार औद्योगिक सिलेंडरों को उचित शुद्धिकरण के बाद चिकित्सा ऑक्सीजन के लिए उपयोग करने की अनुमति दे रही है। इसी तरह टैंकरों की संभावित कमी को दूर करने के लिए नाइट्रोजन और आर्गन टैंकरों को स्वचालित रूप से ऑक्सीजन टैंकरों में परिवर्तित करने की अनुमति दी जाएगी।

अधिकारियों ने मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन आयात करने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में भी प्रधानमंत्री को जानकारी दी।

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