सीबीएसई दसवीं के विद्यार्थी होंगे प्रमोट, बारहवीं की परीक्षा टली

प्रधानमंत्री की अध्य्क्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया फैसला

प्रधानमंत्री ने कहा, कोरोना काल में बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता

senani.in, डिजिटल डेस्क

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने सीबीएसई की दसवीं की परीक्षा को रद कर दिया है, जबकि 12वीं की परीक्षा के लिए एक जून को हालात की समीक्षा की जाएगी। दसवीं के विद्यार्थियों का रिजल्ट वस्तुनिष्ठ मानदंड के अनुसार तैयार होगा। यानी पिछली कक्षाओं के नम्बरों के आधार पर दसवीं के छात्रों को प्रमोट किया जाएगा।

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव, स्कूल और उच्च शिक्षा सचिवों के अलावा अन्य शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने दोहराया कि छात्रों का स्वास्थ्य सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र, छात्रों के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखने के साथ-साथ उनके शैक्षणिक हितों को भी नुकसान न पहुंचे।

सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं चार मई, 2021 से प्रारंभ होनी थीं।

देश के कई राज्यों में कोविड-19 महामारी के मामले बढ़ रहे हैं। इससे कुछ राज्य अन्य राज्यों की तुलना में अधिक प्रभावित हुए हैं। इस स्थिति में, 11 राज्यों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। सीबीएसई एक अखिल भारतीय बोर्ड है। इसलिए बोर्ड के लिए देश में एक साथ परीक्षा आयोजित करना आवश्यक है।

बारहवीं के लिए एक जून को होगी समीक्षा

कक्षा 12 के लिए चार मई से 14 जून, 2021 तक आयोजित होने वाली बोर्ड की परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। इन परीक्षाओं का आयोजन बाद में किया जाएगा। इसके लिए बोर्ड एक जून, 2021 को स्थिति की समीक्षा करेगा। इसके बाद छात्रों को जानकारी दी जाएगी। परीक्षाओं को शुरू करने से कम से कम 15 दिन पहले एक नोटिस दिया जाएगा।

वस्तुनिष्ठ मानदंड के आधार पर तैयार होगा दसवीं का रिजल्ट

कक्षा 10 के लिए चार मई से 14 जून, 2021 तक आयोजित होने वाली बोर्ड की परीक्षाओं को रद कर दिया गया है। दसवीं कक्षा के बोर्ड के परिणामों को बोर्ड द्वारा तैयार एक वस्तुनिष्ठ मानदंड के आधार पर तैयार किया जाएगा। यदि कोई भी छात्र/छात्रा इस आधार पर दिए गए अंकों से संतुष्ट नहीं होगा तो उसे परीक्षा आयोजित करने के लिए अनुकूल माहौल होने के बाद परीक्षा में बैठने का एक अवसर दिया जाएगा।

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