रजनीकांत को मिला दादा साहब फाल्के पुरस्कार

आशा भोंसले, सुभाष घई, शंकर महादेवन, विश्वजीत चटर्जी और मोहन लाल की पांच सदस्यीय ज्यूरी ने सर्वसम्मति से किया चयन

SENANI.IN || संवाददाता || डिजिटल डेस्क

रजनीकांत, फ़ाइल फोटो, सोशल मीडिया

महान अभिनेता रजनीकांत को इस साल का दादा साहब फाल्के पुरस्कार देने की घोषणा केंद्र सरकार ने की है। यह 51वां दादा साहब पुरस्कार है।

गुरुवार सुबह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पांच सदस्यीय ज्यूरी ने सर्वसम्मति से इसकी सिफारिश की थी, जिस पर सरकार ने मुहर लगा दी। ज्यूरी में आशा भोंसले, मोहन लाल, शंकर महादेवन, सुभाष घई और विश्वजीत चटर्जी शामिल थे। 2019 का यह दादा साहब फाल्के पुरस्कार रजनीकांत को तीन मई 2021 को 19वें फिल्म अवार्ड्स के साथ दिया जाएगा। इससे पहले दिवंगत फिल्म अभिनेता विनोद खन्ना को दादा साहब फाल्के पुरस्कार दिया गया था। केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने कहा कि अभिनेता, निर्माता और पटकथा लेखक के रूप में रजनीकांत का योगदान अद्भुत है। वह पिछले 46 साल से फिल्मी दुनिया के बेताज बादशाह हैं। उन्होंने मेहनत और लगन से फिल्म जगत में यह स्थान बनाया है।

सोशल मीडिया में बधाई देने वालों का तांता

अपने प्रिय अभिनेता को यह पुरस्कार मिलने की घोषणा पर उनके प्रशंसकों और चाहने वालों में खुशी की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया है। उन्हें बधाई देने वालों में बड़ी संख्या में फिल्म जगत से जुड़े लोग भी शामिल हैं।

रजनीकांत ने 1975 में कथा संगम से की थी शुरुआत

रजनीकांत ने वर्ष 1975 में कन्नड़ फिल्म कथा संगम में एक छोटे से रोल से अपने फिल्मी कैरियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसी साल उन्होंने अपूर्व रंगांगल में अहम रोल निभाया। रजनीकांत अपने प्रशंसकों के लिए भगवान से कम नहीं हैं।

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