April 2021 Vrat Tyohar : सर्व सौभाग्य योग में होगी चैती छठ, रामनवमी पर आ रहा पूर्ण राजयोग

चैती छठ और रामनवमी पर बन रहा विशेष संयोग, व्रत करने वाले हो जाएंगे धन्य

सेनानी.इन संवाददाता, डिजिटल डेस्क

प्रतीकात्मक तस्वीर

चैत मास में हिंदुओं के दो प्रमुख व्रत चैती छठ और राम नवमी आ रहे हैं। ये दोनों ही पर्व विशेष संयोग बना रहे हैं।

जमशेदपुर में निवास कर रहे प्रसिद्ध ज्योतिषी आचार्य डॉ. सुधानंद झा के अनुसार चैती छठ जहां इस बार सर्व सौभाग्य योग में सम्पन्न होगी, वहीं रामनवमी पर पूर्ण राजयोग का संयोग बन रहा है।

आचार्य के अनुसार इन दोनों या इनमें से किसी एक पर्व को करने वाले की भी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी। नहाय खाय के साथ चैती छठ की पूजा 16 अप्रैल से शुरू होगी। वहीं, रामनवमी 21 अप्रैल बुधवार को मनाई जाएगी।

चैती छठ पूजा 2021 का कार्यक्रम

-नहाय खाय : सोलह अप्रैल, शुक्रवार

-खरना : 17 अप्रैल, शनिवार

-चैती छठ का सायंकालीन अर्घ्य : अठारह अप्रैल, रविवार

-चैती छठ का प्रातःकालीन अर्घ्य : उन्नीस अप्रैल, सोमवार को दिया जाएगा

2021 : रामनवमी 21 अप्रैल को

प्रतीकात्मक तस्वीर

चैत्र मास शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को त्रेता युग में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्म हुआ थ। इसलिए चैत्र मास शुक्ल पक्ष की इस नवमी तिथि को रामनवमी के रूप में जाना जाता है। बुधवार को नवमी तिथि का संयोग और भगवान श्रीराम के वंश के सर्वेसर्वा श्री सूर्य भगवान उस दिन पूर्ण राजयोग बना रहे हैं।

चैत्र मास का है खास महत्व

चैत्र का महीना 29 मार्च से शुरू हो चुका है। यह 27 अप्रैल तक रहेगा। इस महीने का हिंदुओं के लिए खासा महत्व है। इस महीने के साथ ही वसंत ऋतु का समापन और ग्रीष्म ऋतु का शुभारंभ होता है। इस महीने में हिंदुओं के जहां प्रमुख व्रत शीतलाष्टमी, चैती छठ, चैती नवरात्र और रामनवमी पड़ती है, वहीं ईसाइयों का गुड फ्राइडे भी दो अप्रैल को पड़ रहा है। बैसाखी 13 अप्रैल को मनाई जाएगी।

चैत्र मास 2021 में कृष्ण पक्ष के प्रमुख पर्व त्योहार

-रंग पंचमी व्रत : दो अप्रैल

-भानु सप्तमी व्रत पूजा : चार अप्रैल

-शीतला अष्टमी व्रत : चार अप्रैल

-पाप मोचनी एकादशी व्रत गृहस्थ आश्रम (हम लोगों के लिए) : सात अप्रैल

-वैष्णव लोगों की एकादशी : आठ अप्रैल

-प्रदोष त्रयोदशी व्रत : नौ अप्रैल

-प्रदोष चतुर्दशी व्रत : 10 अप्रैल

-सोमवती अमावस्या 12 अप्रैल, सोमवती अमावस्या सोमवारी की पूजा प्रातःकाल सात बजे तक कर लीजिए

-चैत्र नवरात्र आरंभ : तेरह अप्रैल से बाइस अप्रैल तक

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