पूर्वोत्तर भारत में 29 मार्च से 3 अप्रैल के बीच भारी बारिश के आसार

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र ने जारी किया अलर्ट

senani.in, डिजिटल डेस्क

प्रतीकात्मक तस्वीर

बंगाल की खाड़ी से चलने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण 29 मार्च से 3 अप्रैल के बीच उत्तर-पूर्वी भारत में कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति के भी आसार हैं।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के अनुसार 28-29 मार्च को ताजा पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में कहीं-कहीं छिटपुट से लेकर काफी बड़े इलाके में बारिश होने और ओलावृष्टि की संभावना है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बिजली कड़कने और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान और मुज्जफराबाद में भारी आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और ओले पड़ने की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी से उठने वाली तेज निचली दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण 29 मार्च से 3 अप्रैल के बीच पूर्वोत्तर भारत में काफी बड़े पैमाने से लेकर बड़े पैमाने तक आंधी-तूफान के साथ बारिश होने, गरज के साथ बारिश होने, बिजली कड़कने और कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान है। इस कारण इस अवधि के दौरान कुछ स्थानों पर भूस्खलन होने और सैलाब आने की आशंका है।

पहले सप्ताह के ज्यादातर दिनों में तमिलनाडु, पुद्दुचेरी, करैकल, तेलंगाना, केरल और माहे तथा कर्नाटक के तटवर्ती और दक्षिणी भीतरी इलाकों में कहीं-कहीं छिटपुट बारिश होने और आंधी-तूफान आने की संभावना है।

उत्तर-पूर्वी राज्य और केरल के कुछ इलाकों में सामान्य और सामान्य से अधिक बारिश होने तथा देश के अन्य भागों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।

एक से 7 अप्रैल के बीच बारिश की स्थिति

बंगाल की खाड़ी से उठने वाली मजबूत निचली दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण उत्तर-पूर्वी राज्यों में दूसरे हफ्ते के पहले भाग में व्यापक स्तर पर बारिश और कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। इसके फलस्वरूप इस क्षेत्र में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है।
किसी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति में उत्तर-पश्चिमी भारत में बारिश के सामान्य से कम रहने की संभावना है। इसके देश के अन्य भागों में भी सामान्य से कम से लेकर सामान्य रहने की संभावना है।

29 मार्च से सात अप्रैल के बीच तापमान

प्रतीकात्मक तस्वीर

पहले सप्ताह के पूर्वार्द्ध में उत्तर-पश्चिमी भारत में अधिकतम तापमान क्रमशः 4-6 डिग्री सेल्सियस बढ़ने का अनुमान है। इस अवधि में मध्य भारत के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान में क्रमशः तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने और पूर्वी, पश्चिमी और प्रायद्वीपीय भारत के ज्यादातर हिस्सों में दो से चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है।

अगले चार-पांच दिनों में देश के सौराष्ट्र और कच्छ तथा गोवा और कोंकण इलाकों को छोड़कर शेष हिस्सों में गरम हवाएं चलने की कोई संभावना नहीं है। उत्तरी गुजरात क्षेत्र में 27-28 मार्च को गरम हवाएं चलने की बहुत अधिक संभावना है।
दूसरे सप्ताह के दौरान, उत्तर-पूर्वी भारत को छोड़कर देश के ज्यादातर हिस्सों में सूखा मौसम होने के कारण अधिकतम तापमान क्रमशः बढ़ने की संभावना है। इसलिए उत्तर-पश्चिम, पूर्वी भारत और देश के पूर्वी तटवर्ती हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। इसके उत्तरी प्रायद्वीप क्षेत्र और उससे लगते मध्य भारत में सामान्य से 1-2 डिग्री सेल्सियस कम रहने की संभावना है।

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