पीरियड शर्म की नहीं, सम्मान के प्रतीक

जानकीपुरम में आयोजित माहवारी स्वछता अभियान ‘हिम्मत’ की कार्यशाला में बोले डॉ. अमित सक्सेना

जानकीपुरम में आयोजित हिम्मत की कार्यशाला में उपस्थित महिलाएं।

senani.in, डिजिटल डेस्क

माहवारी (पीरियड) के प्रति महिलाओं की झिझक और शर्म दूर करने की सृजन फाउंडेशन की मुहिम जारी है। फाउंडेशन की ओर से चलाए जा रहे अभियान ‘हिम्मत’ के को-ऑर्डिनेटर डॉ. अमित सक्सेना महिलाओं और किशोरियों को इस मुद्दे पर लगातार जागरूक कर रहे हैं।

इसी कड़ी में गुरुवार को मिशन शक्ति के तहत सृजन एवं कल्याणी फाउंडेशन के सौजन्य से माहवारी स्वछता अभियान ‘हिम्मत’ की एक कार्यशाला गुरुवार को हुई। पंचवटी पार्क, जानकीपुरम में आयोजित इस कार्यशाला में उपस्थित महिलाओं और किशोरियों को बताया गया कि उनके पीरियड उनके सम्मान के प्रतीक हैं। साथ ही इस अवसर पर महिलाओं और किशोरियों को माहवारी के विभिन्न पहलुओं से अवगत भी कराया गया।

पीरियड में होने वाली समस्याओं के बारे में भी दी जानकारी

कार्यशाला में महिलाओं और किशोरियों को दिए गए हिम्मत पैड।

मौके पर डॉ. अमित सक्सेना ने माहवारी के समय होने वाली शारीरिक समस्याओं के बारे में सभी को जानकारी दी। साथ ही उनके सवालों के जवाब भी दिए। महिलाओं को बताया गया कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं को पेट दर्द और कमर दर्द में क्या करना चाहिए? पीरियड्स शर्माने की नहीं, बल्कि गर्व करने की बात है। कपड़ा उपयोग करने से क्या क्या समस्याएं आ सकती हैं? इनकी भी जानकारी दी। अंत में सभी महिलाओं और किशोरियों को ‘हिम्मत’ सेनेटरी पैड देकर खुले में पैड लेने की हिम्मत प्रदान की गई।

कार्यशाला में इन्होंने लिया भाग

कार्यशाला में सुमित कुमार भौमिक, इंदु गुप्ता, स्वाति चटर्जी, विमला त्रिवेदी, ज्योत्सना समेत बड़ी संख्या में क्षेत्र की महिलाओं ने भाग लिया। साथ ही ऐसे आयोजन के लिए हिम्मत अभियान के को-ऑर्डिनेटर डॉ. अमित सक्सेना की प्रशंसा की।

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