इन महिलाओं ने मुट्ठी पर लाल रंग से बनाया प्लस का सिम्बल, जानिए क्या है इनका संदेश

मेंस्ट्रुअल हेल्थ अवेयरनेस डे पांच फरवरी को, सृजन फाउंडेशन के अभियान ‘हिम्मत’ के तीसरे दिन भी महिलाओं-युवतियों के लिए ऑनलाइन एक्टिविटी

डिजिटल डेस्क, लखनऊ
senani.in

स्तुति-स्वाति जैन

मेंस्ट्रुअल हेल्थ अवेयरनेस डे (5 फरवरी) के उपलक्ष्य में सृजन फाउंडेशन माहवारी स्वच्छता अभियान ‘हिम्मत’ चला रहा है। इसके तहत एक फरवरी से पांच फरवरी तक पीरियड्स अवेयरनेस कैंपेन चलाई जा रही है। इसमें ऑनलाइन एक्टिविटी कराई जा रही हैं।

इसी श्रृंखला में बुधवार को तीसरे दिन महिलाओं और बच्चियों ने अपनी मुट्ठी पर लाल रंग से प्लस का सिंबल बनाया। इसके जरिये उन्होंने प्रदर्शित किया कि वह पीरियड को लेकर पॉजिटिव हैं और उनको अपने पीरियड पर गर्व है।

इन्होंने किया प्रतिभाग

मनुख्याति-जया सिंह
श्रेया-स्नेह बिंदल
शालिनी सिंह
डॉ. ज्योत्स्ना
इशिका-रोमा श्रीवास्तव

जया-शशिप्रभा सिंह

उर्वी-रश्मि पांडेय
ज्योति किरण-मीशा रतन
मिथिका-नीरजा द्विवेदी

इस ऑनलाइन एक्टिविटी में स्तुति-स्वाति जैन, इशिका-रोमा श्रीवास्तव, उर्वी-रश्मि पांडेय, मीथिका-नीरजा द्विवेदी, मनुख्याति-जया सिंह, ज्योति किरन-मीशा रतन, जया-शशिप्रभा सिंह, डॉ. ज्योत्सना सिंह, शालिनी सिंह आदि ने प्रतिभाग किया।

माहवारी का लाल रंग भी सौभाग्य का प्रतीक

हिम्मत अभियान के को-ऑर्डिनेटर डॉ. अमित सक्सेना ने बताया कि लाल रंग महिलाओं के सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। लाल साड़ी, लाल चूड़ियां, लाल सिंदूर यानी कि महिलाओं की हर सौभाग्य की चीज में लाल रंग उपस्थित रहता है। लेकिन, जब बात आती है महावारी के लाल रंग की आती है तो उसको गलत नजर से देखा जाता है। इसलिए बुधवार की यह एक्टिविटी करवाई गई। साथ ही यह बताने की कोशिश की गई कि माहवारी का जो लाल रंग है, वह भी महिलाओं के लिए सौभाग्य का प्रतीक है। उनको महावारी होती है। इस कारण वह बच्चे को जन्म दे पाती हैं और उस लाल रंग को लेकर वह पॉजिटिव हैं।

अभियान के चौथे दिन आज वेबिनार का होगा आयोजन

डॉ. अमित सक्सेना, को-ऑर्डिनेटर, हिम्मत अभियान

डॉक्टर अमित सक्सेना ने बताया कि अभियान के चौथे दिन यानी गुरुवार चार फरवरी को एक वेबिनार का आयोजन किया जाएगा। इसमें उनके द्वारा महिलाओं को पीरियड से संबंधित विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

हिम्मत अभियान के पहले दिन एक फरवरी को महिलाओं ने तख्ती पर कुटेशन लिखकर जहां माहवारी के प्रति जागरूक किया, वहीं दूसरे दिन दो फरवरी को वीडियो के जरिये अपने पहले पीरियड के अनुभव को साझा किया था। बुधवार को अभियान का तीसरा दिन था। इसमें महिलाओं ने मुट्ठी पर प्लस का सिम्बल बनाया।

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