माहवारी महिलाओं के सम्मान का प्रतीक

मिशन हिम्मत के तहत सृजन फाउंडेशन की ओर से कार्यशाला का आयोजन, पीरियड को लेकर महिलाओं-छात्राओं के सवालों का विशेषज्ञों ने दिया जवाब

29 जनवरी, 2021, डिजिटल डेस्क, senani.in

मिशन शक्ति एवं राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में सृजन फाउंडेशन ने माहवारी स्वच्छता अभियान ‘हिम्मत’ के तहत एक कार्यशाला का आयोजन किया।

केयर एजुकेशनल ट्रस्ट के इंदिरानगर स्थित केंद्रीय कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में पीरियड को लेकर महिलाओं की शंकाओं और समस्याओं का समाधान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं एवं किशोरियों को बताया गया कि पीरियड्स उनके सम्मान के प्रतीक हैं।

पीरियड शर्माने की नहीं, गर्व करने की बात : डॉ. अमित

हिम्मत अभियान के को-ऑर्डिनेटर डॉ. अमित सक्सेना ने छात्राओं में माहवारी के समय होने वाली शारीरिक और सामाजिक समस्याओं का समाधान किया। पेट दर्द, कमर दर्द, मंदिर न जाना, पूजा न करना जैसी रोक के पीछे के कारणों को समझाया। साथ ही बताया कि पीरियड्स शर्माने की नहीं, बल्कि गर्व करने की बात है।

छात्राओं के बीच सेनेटरी नैपकीन का वितरण

कार्यशाला में उपस्थित महिलाओं और छात्राओं को सृजन फाउंडेशन तथा केयर एजुकेशनल ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने किया सम्मानित।

अंत में कार्यशाला में उपस्थित सभी छात्राओं और महिलाओं को ‘हिम्मत’ सेनेटरी पैड देकर खुले में पैड लेने की हिम्मत प्रदान की गई। साथ ही दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई गई।

कार्यशाला में केयर एजुकेशनल ट्रस्ट की मैनेजर सीमा यादव, सत्यम यादव एवं सृजन फाउंडेशन की उपाध्यक्ष डॉ. अर्चना सक्सेना उपस्थित रहीं।

महिलाओं और छात्राओं को ‘हिम्मत’ दे रहा सृजन फाउंडेश

मिशन शक्ति एवं राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में सृजन फाउंडेशन माहवारी स्वच्छता अभियान ‘हिम्मत’ चला रहा है। इसके तहत जगह-जगह कार्यशालाएं आयोजित कर महिलाओं और छात्राओं को माहवारी के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही उन्हें बताया जा रहा है कि पीरियड को लेकर वह शर्माएं नहीं, बल्कि खुलकर बोलें और बात करें। इसका उनके स्वास्थ्य से सीधा संबंध है। संस्था की इस पहल की देश-विदेश में सराहना हो रही है।

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