देश के तेरहवें राष्ट्रपति रहे प्रणब मुखर्जी का निधन

पुत्र अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट कर दी जानकारी, दिल्ली के आर्मी रिसर्च एंड रेफरल हॉस्पिटल में 10 अगस्त से थे भर्ती, फेफड़ों में था इन्फेक्शन

स्वतंत्रता सेनानी के पुत्र थे प्रणब दा, दस साल जेल में रहे थे पिता

सीधे मुकाबले में पीए संगमा को हराकर प्रणब बने थे देश के तेरहवें राष्ट्रपति, विपक्षी भी थे व्यवहार के कायल

11 दिसंबर, 1935 को पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले में किरनाहर के निकट स्थित मिराती गांव के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था जन्म
31 अगस्त, 2020 को 84 वर्ष की उम्र में निधन

senani.in

डिजिटल डेस्क

देश के तेरहवें राष्ट्रपति रहे प्रणब मुखर्जी का सोमवार को दिल्ली के आर्मी रिसर्च एंड रेफरल हॉस्पिटल में निधन हो गया। वे फेफड़ों में इन्फेक्शन से पीड़ित थे।

प्रणब मुखर्जी को लोग प्रणब द भी कहते थे। उनका जन्म 11 दिसम्बर 1935 को पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले में किरनाहर के निकट स्थित मिराती गांव के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। पिता कामदा किंकर मुखर्जी और माता का नाम राजलक्ष्मी मुखर्जी था।

प्रणब मुखर्जी के पिता कामदा किंकर मुखर्जी एक प्रतिष्ठित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे और आजादी के आंदोलन में उन्होंने दस वर्ष से अधिक समय जेल में बिताए थे।

विधान परिषद सदस्य थे पिता

प्रणब दा के पिता 1920 से कांग्रेस पार्टी में सक्रिय होने के साथ पश्चिम बंगाल विधान परिषद में 1952 से 64 तक सदस्य रहे। इसके अलावा वे (पश्चिम बंगाल) के वीरभूम जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे।

विद्यासागर कॉलेज में हासिल की शिक्षा

प्रणब मुखर्जी ने सूरी (वीरभूम) के सूरी विद्यासागर कॉलेज में शिक्षा पाई, जो उस समय कलकत्ता विश्वविद्यालय से सम्बद्ध था।

पिछले साल भारत रत्न से हुए थे अलंकृत

26 जनवरी 2019 को प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे। कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) ने उन्हें अपना उम्मीदवार घोषित किया। राष्ट्रपति पद के लिए हुए सीधे मुकाबले में उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी प्रत्याशी पीए संगमा को हराया था। उन्होंने 25 जुलाई 2012 को भारत के तेरहवें राष्ट्रपति के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। प्रणब मुखर्जी ने किताब ‘द कोलिएशन ईयर्स: 1996-2012’ भी लिखी है।

2 comments

Leave a Reply