बीआरओ ने उत्तराखंड के 20 गांवों के 15 हजार लोगों की समस्या कर दी दूर

पिथौरागढ़ जिले के जौलजीबी सेक्टर में 180 फुट लंबे बेली ब्रिज का तीन हफ्ते से भी कम समय में कर कर दिया निर्माण, टूट गया था 20 गावों का संपर्क

senani.in

डिजिटल डेस्क

सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है।

बीआरओ ने लगातार भूस्खलन और भारी बारिश के बावजूद तीन हफ्तों से भी कम समय में उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के जौलजीबी सेक्टर में 180 फुट लंबे बेली ब्रिज का निर्माण किया है।

पंद्रह हजार लोगों को राहत

इसके बाद जौलजीबी और मनुस्यारी एक बार फिर जुड़ गए हैं। 20 गांवों के 15 हजार लोगों को इससे राहत मिली है।

27 जुलाई को बादल फटने से आई थी तबाही

क्षेत्र में 27 जुलाई, 2020 को बादल फटने से आई बाढ़ और नदी-नालों के उफनाने से यहां पहले से बना 50 मीटर लम्‍बा कंक्रीट का पुल पूरी तरह ध्‍वस्‍त हो गया था। क्षेत्र में भूस्‍खलन की वजह से भी कई लोग हताहत हुए थे और सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया था।

निर्माण सामग्री जुटाने की थी चुनौती

बीआरओ ने तुरंत इस क्षेत्र में पुल बनाने के लिए अपने संसाधन जुटाए। लगातार भूस्खलन और भारी बारिश के बीच पिथौरागढ़ से पुल निर्माण के लिए आवश्‍यक सामग्री को यहां तक लाना सबसे बड़ी चुनौती थी। इसके बावजूद पुल निर्माण का काम 16 अगस्त को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। पुल बन जाने से बाढ़ प्रभावित गांवों तक संपर्क सुविधा उपलब्‍ध हो गई और जौलजीबी फिर से मुनस्यारी से जुड़ गया।

पुनर्वास कार्यों में मिलेगी मदद

यह पु‍ल बन जाने से उत्तराखंड के 20 गांवों के लगभग 15 हजार लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। पुल की वजह से जौलजीबी से मुनस्यारी तक 66 किलोमीटर लम्‍बी सड़क पर यातायात फिर से शुरू हो गया है। स्थानीय सांसद अजय टम्टा ने जौलजीबी से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लुमटी और मोरी गांवों से सड़क संपर्क टूट जाने पर गहरी चिंता व्‍यक्‍त की थी। नया बना यह पुल गांवों में पुनर्वास कार्यों में काफी मददगार सबित होगा।

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