लालकिले से आत्मनिर्भर भारत की ललकार

लाल किले से देशवासियों का अभिवादन करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फोटो क्रेडिट : PIB Hindi

प्रधानमंत्री ने 74वें स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले की प्राचीर पर फहराया तिरंगा, राष्ट्र को किया संबोधित

मेक फॉर वर्ल्ड का दिया मंत्र, राष्ट्र को मिला नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन का तोहफा

senani.in

डिजिटल डेस्क

स्वतंत्रता दिवस पर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्र के नाम संबोधन में अपने ओजस्वी भाषण से देशवासियों में जोश भर दिया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्र के विकास का खाका खींचा। मेक इन इंडिया के साथ मेक फॉर वर्ल्ड का नारा दिया। साथ ही नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन का भी शुभारंभ किया।

पीएम ने कहा कि आज से देश में एक और बहुत बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। ये है नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन। यह देश के स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई क्रांति लेकर आएगा। आपके हर टेस्ट, हर बीमारी, आपको किस डॉक्टर ने कौन सी दवा दी, कब दी, आपकी रिपोर्ट क्या थीं, ये सारी जानकारी इसी एक हेल्थ आईडी में समाहित होगी।

भारत की ओर देख रही दुनिया

लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया की बहुत बड़ी-बड़ी कंपनियां भारत का रुख कर रही हैं। हमें मेक इन इंडिया के साथ-साथ मेक फॉर वर्ल्ड के मंत्र के साथ आगे बढ़ना है। दुनिया इस शक्ति को, इन सुधारों को और उससे निकले परिणामों को देख रही है।

स्वतंत्रता सेनानियों और कोरोना योद्धाओं को नमन

मोदी ने स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को नमन करते हुए कहा कि हम आज जिस स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं, वह मां भारती के लाखों बेटे-बेटियों के त्याग, बलिदान और आजादी के प्रति उनके समर्पण की बदौलत है।कोरोना के इस संकट काल में मोदी ने कोरोना योद्धाओं को भी नमन करते हुए कहा कि अपने जीवन की परवाह किए बिना हमारे डॉक्टर, नर्सें, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस कर्मी, सफाई कर्मचारी, पुलिसकर्मी, सेवाकर्मी, अनेकों लोग चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।

आजादी के लिए खुद को कर दिया समर्पित

पीएम ने कहा कि आजादी का पर्व हमारे लिए आजादी के वीरों का स्मरण कर नए संकल्पों की ऊर्जा का एक अवसर होता है। यह हमारे लिए नई उमंग, उत्साह और प्रेरणा लेकर आता है। अगला पर्व जब हम मनाएंगे तो आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश करेंगे। यह हमारे लिए बहुत बड़ा अवसर है। गुलामी का कोई कालखंड ऐसा नहीं था, जब हिंदुस्तान के किसी कोने में आजादी के लिए प्रयास नहीं हुआ हो, प्राण अर्पण नहीं हुआ हो। सेनानियों ने जवानी जेलों में खपा दी। ऐसे वीरों को हम नमन करते हैं।

भारत की प्रतिभाओं पर भरोसा

मोदी ने उपनिवेशवाद के कालखंड का जिक्र करते हुए कहा कि विस्तारवाद की सोच वालों ने दुनिया में जहां भी संभव हो सका, फैलने की कोशिश की। लेकिन, भारत की आजादी का आंदोलन दुनिया के लिए प्रेरणा पुंज बन गया, दिव्य स्तंभ बन गया। दुनिया में आजादी की अलख जगी। मुझे विश्वास है कि भारत आत्मनिर्भर के सपने को चरितार्थ करके रहेगा। देश की प्रतिभा, सामर्थ्य, युवाओं, मातृ-शक्तियों पर भरोसा है। मेरा हिंदुस्तान की सोच-अप्रोच पर भरोसा है।

आत्मनिर्भरता का संकल्प दोहराया

मोदी ने आत्मनिर्भरता का संकल्प दोहराते हुए कहा कि आखिर कब तक हमारे ही देश से गया कच्चा माल तैयार होकर भारत में लौटता रहेगा। विस्तारवाद की सोच ने देशों को गुलाम बनाकर ही नहीं छोड़ा, बल्कि आर्थिक गुलामी तक की स्थिति उत्पन्न कर दी। लेकिन, भारत ने भीषण युद्धों और भयानकता के बीच भी आजादी की जंग में कमी और नमी नहीं आने दी।

आत्मनिर्भर बनने का संकल्प दोहराया

मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच 130 करोड़ देशवासियों ने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया। आत्मनिर्भर भारत देशवासियों के मन-मस्तिष्क में छाया है। ये आज सिर्फ शब्द नहीं रहा, बल्कि 130 करोड़ देशवासियों के लिए मंत्र बन गया है। आज दुनिया इंटर कनेक्टेड है। इसलिए समय की मांग है कि विश्व की अर्थव्यवस्था में भारत का योगदान बढ़े। इसके लिए भारत को आत्मनिर्भर बनना है। जब हमारा अपना सामर्थ्य होगा तो हम दुनिया का कल्याण भी कर पाएंगे। आज देश अनेक नए कदम उठा रहा है। इसलिए स्पेस सेक्टर को खोल दिया। देश के युवाओं को अवसर मिल रहा है। सरकार ने कृषि क्षेत्र को बंधनों से मुक्त कर दिया। हमने आत्मनिर्भर भारत बनाने का प्रयास किया है।

देश में रिकॉर्ड विदेशी निवेश

पीएम ने कहा कि बीते वर्ष, भारत में विदेशी निवेश ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भारत में विदेशी निवेश में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। ये विश्वास ऐसे ही नहीं आता है। वन नेशन-वन टैक्स, इनसाल्वेंसी और बैंक्रप्टसी कोड बैंकों का मर्जर आज देश की सच्चाई है।

दूसरे देशों का भी पेट भर रहे भारतीय किसान

आखिर कब तक हमारे ही देश से गया कच्चा माल, फिनिश्ड प्रोडक्ट बनकर भारत में लौटता रहेगा। इसलिए हमें आत्मनिर्भर बनना ही होगा। भारत के किसान सिर्फ देश के लोगों का पेट नहीं भरते, बल्कि दुनिया में जहां भी लोगों को जरूरत होती है, वहां के लोगों का पेट भरते हैं।

अपने कौशल को बढ़ाना भी आत्मनिर्भरता

आत्मनिर्भर भारत का मतलब सिर्फ आयात को कम करना नहीं है, बल्कि सामर्थ्य के अनुसार अपने कौशल को बढ़ाना है। आत्मनिर्भर भारत में कई चुनौतियां होंगी, लेकिन अगर ये चुनौतियां हैं तो देश के पास करोड़ों समाधान देने वाली शक्तियां भी है।

देश को कोरोना से बचाना हमारी प्राथमिकता

तमाम प्राकृतिक आपदाओं के बाद भी देश ने अपना आत्मविश्वास नहीं खोया। देश को कोरोना के प्रभाव से बाहर निकालना हमारी प्राथमिकता है। हमारे यहां शास्त्रों में कहा गया है-सामर्थ्य्मूलं स्वातन्त्र्यं, श्रममूलं च वैभवम्… अर्थात किसी समाज, किसी भी राष्ट्र की आजादी का स्रोत उसका सामर्थ्य होता है और उसके वैभव का, उन्नति प्रगति का स्रोत उसकी श्रम शक्ति होती है। देश के सामान्य नागरिक की मेहनत, उसके परिश्रम का कोई मुकाबला नहीं है। बीते छह वर्षों में देश में मेहनत करने वाले लोगों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई गई हैं। बिना किसी भेदभाव के पूरी पारदर्शिता के साथ सभी लोगों को कई योजनाओं द्वारा मदद पहुंचाई गई है।

कोरोना वैक्सीन पर काम जारी

कोविड-19 महामारी की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में कोराना वायरस की एक नहीं, दो नहीं, तीन-तीन वैक्सीन इस समय टेस्टिंग के चरण में हैं। जैसे ही वैज्ञानिकों की हरी झंडी मिलेगी, देश की तैयारी उन वैक्सीन की बड़े पैमाने पर उत्पादन की भी है। देश के हर जरूरतमंद तक कम समय में वैक्सीन को पहुंचाने की रूपरेखा भी तैयार है।

चीन और पाकिस्तान को चेतावनी

प्रधानमंत्री मोदी ने देश को संबोधित करते हुए पाकिस्तान और चीन पर भी हमला बोला। कहा कि नियंत्रण रेखा से लेकर एलएसी तक देश की संप्रभुता पर जिस किसी ने आंख उठाई है, देश ने और देश की सेना ने उसका उसी भाषा में जवाब दिया है।

एनसीसी कैडेटों को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग

पीएम मोदी ने कहा कि अब एनसीसी का विस्तार देश के 173 बॉर्डर और तटवर्ती जिलों तक तक सुनिश्चित किया जाएगा। इस अभियान के तहत एक लाख नए एनसीसी कैडेटों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें भी करीब एक तिहाई बेटियों को ये स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी। इस अवसर पर अधिसंख्य केंद्रीय मंत्री, जनप्रतिनिधि समेत पक्ष और विपक्ष के नेता मौजूद थे।

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