सृष्टि के पालनहार

भगवान श्रीकृष्ण

@ शैलेश त्रिपाठी ‘ शैल ‘

सबके प्यारे अच्युत न्यारे
सृष्टि के पालनहार
पड़े सभी हम शरण तुम्हारी
अब कर दो बेड़ा पार।।

प्रकट हुए जब हे! भगवन तुम
अचरज हुए अपार।
करुणा स्वामी, शांति प्रणेता
लीजो अब अवतार।।

तुमसे निखरे छवि जहां की,
तुम ही हो रखवारे।।
हमें भी त्रिभुवन साथ मिला लो
बना के गौ और ग्वारे।।

छोटी-छोटी गलती नित नित, हमसे होती जाएं।
इतने दयालु रघुवर मेरे, कभी ना वो गुस्साएं।

रहे कृपा प्रभु श्री चरणों की, जिनमें छलके प्यार।
सदा स्मरण रहे उन्हीं का, हैं जो सृष्टि के पालनहार।।

(लेखक पंडित खुशीलाल शर्मा गवर्नमेंट ऑटोनोमस आयुर्वेदिक कॉलेज, भोपाल में अध्ययनरत हैं)

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