कोरोना से ठीक हुए लेकिन अब फेफड़े नहीं दे रहे साथ

चीन में कोरोना से ठीक हुए मरीजों के फेफड़े 90 प्रतिशत तक प्रभावित, कोरोना वायरस से लड़ने वाले बी-सेल्स में भी कमी

senani.in

कोरोना का केंद्र रहे चीन के वुहान शहर के एक अस्पताल से ठीक हुए कोविड-19 संक्रमित मरीजों के बारे में चिंताजनक रिपोर्ट आई है।

कोरोना के मरीज रहे इन लोगोंं के फेफड़े 90 फीसदी तक प्रभावित हुए हैं। ठीक हुए मरीजों में से पांच प्रतिशत मरीज कोरोना से दोबारा भी संक्रमित हुए हैं।

नए मामले भी आ रहे सामने

चीन में पुराने मामलों पर हुए इस खुलासे के बीच कोरोना के नए मामले भी दर्ज किए जा रहे हैं। इनमें से 22 मामले सिर्फ शिनजियांग राज्य में दर्ज हुए हैं। एक रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है।

ऐसे हुआ अध्ययन

रिपोर्ट के अनुसार झोंगनान अस्पताल की इंटेंसिव केयर यूनिट (आइसीयू) के निदेशक पेंग झियोंग के नेतृत्व में वुहान यूनिवर्सिटी की एक टीम काम कर रही है। इसी टीम ने वुहान में अप्रैल से अब तक ठीक हुए सौ मरीजों पर एक सर्वे किया था।

मरीजों की सेहत की चार माह से निगरानी

डॉक्टरों की यह टीम इन मरीजों पर अप्रैल से नजर रख रही थी। टीम के डॉक्टरों ने समय-समय पर इनके घर जाकर इनकी सेहत की जानकारी भी ली। एक साल तक चलने वाले इस सर्वे का पहला चरण जुलाई में खत्म हुआ है। इस सर्वे में शामिल मरीजों की औसत उम्र 59 वर्ष है।

छह मिनट भी नहीं चल पा रहे कदम

मरीजों को छह मिनट पैदल चलाकर की गई जांच वाले सर्वे के पहले दौर में पता चला कि ठीक हुए मरीजों में 90 प्रतिशत के फेफड़े खराब हो चुके हैं। यानी इन मरीजों के फेफड़ों के तमाम हिस्से काम नहीं कर रहे हैं। ठीक हुए मरीज छह मिनट में बहुत मुश्किल से चार सौ मीटर ही चल पा रहे हैं, जबकि एक स्वस्थ व्यक्ति इतने समय में पांच सौ मीटर तक आसानी से चल लेता है।

कारणों पर हो रहा शोध

झोंगनान अस्पताल के निदेशक पेंग झियोंग ने कहा कि अभी पता नहीं चल पाया है कि इन लोगों में कोरोना से दोबारा संक्रमित के कारण या किसी पुरानी बीमारी की वजह से ये दिक्कत आ रही है। ठीक हुए मरीजों के शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने वाली बी-सेल्स में भी भारी कमी आई है।

Leave a Reply