अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण शुरू, प्रधानमंत्री मोदी ने किया भूमि पूजन

देश-दुनिया में मन रही दिवाली, तीन वर्षों में बनकर तैयार हो जाएगा मंदिर, विश्वस्तरीय कंस्ट्रक्शन कंपनी एलएंडटी कराएगी निर्माण

बातें जो आप जानना चाहते हैं

-भूमि पूजन के साथ अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण शुरू

-पीएम मोदी ने श्रीराम जन्मभूमि परिसर में शिलापूजन और भूमि पूजन किया

-अयोध्या पहुंचने पर मोदी ने सबसे पहले हनुमानगढ़ी में किया दर्शन

-हनुमानगढ़ी में दंडवत होकर प्रणाम किया और हनुमत सरकार से मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन की आज्ञा मांगी

-रामलला की पूजा के बाद शिलापूजन-भूमि पूजन के लिए गए पीएम मोदी

-पूजा सम्पन्न होने पर मोदी ने दी ब्राह्मणों को दक्षिणा

-अयोध्या के साकेत डिग्री कॉलेज में उतरा मोदी का हेलीकॉप्टर

-अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की प्रधानमंत्री की अगवानी

senani.in

अयोध्या। शताब्दियों के संघर्ष के बाद अयोध्या में बुधवार को भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के सपने ने आकार ले लिया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंदिर परिसर में शिलापूजन के बाद भूमि पूजन किया और मंदिर निर्माण के लिए की नींव की ईंट रखी। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदी बेन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मोदी के साथ मौजूद रहे।

हेलीकॉप्टर से पहुंचे अयोध्या

प्रधानमंत्री मोदी बुधवार पूर्वाह्न विशेष विमान से लखनऊ एयरपोर्ट से पहुंचे। वहां से तीन हेलीकॉप्टरों के काफिले के साथ चले। अयोध्या के साकेत डिग्री कॉलेज में उनके हेलीकॉप्टर उतरे। उनके दो अन्य हेलीकॉप्टरों में सुरक्षाकर्मी और अमले के लोग थे। वहां मुख्यमंत्री योगी ने उनका स्वागत किया।

हनुमानगढ़ी पहुंचकर लिया आशीर्वाद

साकेत डिग्री कॉलेज से प्रधानमंत्री का पूरा काफिला हनुमानगढ़ी के लिए निकल पड़ा। वहां पहुंचकर मोदी ने हनुमानजी की पूजा-अर्चना की। वहां उन्होंने साष्टांग दंडवत कर हनुमानजी से आशीर्वाद मांगा। मान्यता और परम्परा है कि अयोध्या में कोई भी शुभ कार्य शुरू करने से पहले हनुमानजी का आशीर्वाद जरूर लिया जाता है।

राम जन्मभूमि परिसर में रोपा पारिजात का पौधा

हनुमानगढ़ी से मोदी का काफिला श्रीराम जन्मभूमि परिसर पहुंचा। वहां भी विधिवत पूजा के बाद मोदी ने रामलला के आगे माथा टेका। फिर चल पड़े भूमि पूजन समारोह के लिए। बीच में उन्होंने परिसर में परिजात का पौधा रोपा। पारिजात के बारे में कई पौराणिक कथाएं और मान्यताएं हैं। यह भी माना जाता है कि हनुमानजी उसके मूल में वास करते हैं। एक श्लोक का हिस्सा है… पारिजात तरु मूल वासिनम्। इसके बाद मोदी मुख्य भूमि पूजन स्थल पर पहुंचे। वहां परंपरागत पूजन कार्य शुरू हुआ।

नींव में रखी चांदी की ईंट

पूजा के क्रम में देवताओं के आह्वान के साथ पहले भगवान के बराह और कच्छप अवतारों की पूजा की गई। फिर भगवान भैरवनाथ की पूजा के बाद शिलापूजन की गई। भूमि पूजन के बाद मोदी ने नींव में चांदी की ईंट रखी। पूजन कार्य सम्पन्न होने पर उन्होंने ब्राह्मणों को दक्षिणा दी। इसके बाद फिर साकेत डिग्री कॉलेज से उनका हेलीकॉप्टर लखनऊ एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गया। लखनऊ एयरपोर्ट से वे विशेष विमान से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

ये है तैयारी

मंदिर का निर्माण मशहूर कंस्ट्रक्शन कंपनी एलएंडटी करा रही है। मंदिर का निर्माण कार्य तीन साल में पूरा हो जाने की संभावना है।

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