कोरोना ही नहीं, कई अन्य बीमारियों से भी बचाता है मास्क

बीमारी की स्थिति में हम भारतीय फिजिकल-सोशल डिस्टेंसिंग यानी शारीरिक दूरी का वर्षों से करते आ रहे हैं पालन

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डिजिटल डेस्क

@ शैलेश त्रिपाठी ‘शैल’

शैलेश त्रिपाठी ‘शैल’

कोरोना महामारी फैलने के बाद हर इंसान आज मास्क पहने दिखाई दे रहा है। डॉक्टर इस बीमारी से बचाव के लिए घर-बाहर सभी जगह मास्क पहनने की सलाह दे रहे हैं।

यह सही भी है। जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं बन जाती, तब तक इस बीमारी से बचाव का यही सर्वसुलभ उपाय भी है। हम आपको बता दें कि मास्क केवल कोरोना ही नहीं, कई अन्य बीमारियों से भी बचाता है।

अपनी और दूसरों की भी सुरक्षा

मास्क पहनकर आप खुद की तो सुरक्षा करते ही हैं, दूसरों तक भी अपनी बीमारियां पहुंचने रोकते हैं। इसके अलावा शारीरिक दूरी का पालन तो हम सदियों से विभिन्न तरीके से करते आये हैं।

तो आइए जानते हैं किन-किन बीमारियों से बचाता है मास्क

-टीबी (tuberculosis) के संक्रमण से

-छोटी माता यानी चिकन पॉक्स (chicken pox) के संक्रमण से

-खसरा (measles) के संक्रमण से

-धूल कणों यानी वायु प्रदूषण से

उपरोक्त सभी को संक्रामक बीमारियों की श्रेणी में रखा जाता है, जोकि शारीरिक संपर्क से भी फैलती हैं।

जुकाम-बुखार और खांसी से भी सुरक्षा

जुकाम-बुखार, खांसी आदि रोगों के वायरस कब हमारी सांस के रास्ते हमारे शरीर के अंदर चले जाते हैं, हमें पता भी नहीं चलता। मास्क पहनकर हम इन सभी बीमारियों के रास्ते में रुकावट पैदा कर देते हैं और सुरक्षित रहते हैं।

मास्क पहनते समय बरतें ये सावधानी

-अगर आप मास्क लगाते हैं तो बिना धोए हाथ को नाक, आंख, मुंह में न लगाएं

-जो बीमार हों, उनके नजदीक जाने से बचें

-सतह पर रखी जाने वाली वस्तुओं को नियमित रूप से धोएं या सैनिटाइज करें, जो भी संभव हो

-जुकाम-बुखार की अवस्था में घर में रहें और संक्रमण को खुद तक ही रखें

-मास्क को हमेशा नीचे की तरफ से खोलें

-हर छह घंटे में या गीला होने पर मास्क बदलें

-डिस्पोजेबल मास्क का दोबारा प्रयोग न करें। इस्तेमाल हो चुके मास्क को विसंक्रमित कर बंद कूड़ेदान में डालें

-मास्क हटाने के बाद हाथों को साबून या अल्कोहल आधारित हैंड रब से धोएं

-मास्क को गले में लटकता हुआ न छोड़ें

(लेखक पंडित खुशीलाल शर्मा गवर्नमेंट ऑटोनोमस आयुर्वेदिक कॉलेज, भोपाल में अध्ययनरत हैं)

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