राम मंदिर : शिलान्यास के दिन प्रभु राम की ससुराल जनकपुर धाम में मनेगी दिवाली, आएगी विशेष ईंट

नेपाल के जानकी मंदिर के महंत ने वहां के प्रधानमंत्री ओली के बयान का किया विरोध

कहा-भारत के अयोध्या में है भगवान राम का जन्म स्थान, वहीं से जनकपुर आई थी राम जी की बारात

महंत ने कहा-किसी के चाहने से मौलिक परंपराएं नहीं बदलतीं, अयोध्या में मंदिर बनने से नेपाल में भी है खुशी की लहर

जानकी मन्दिर के महंत रामतपेश्वर दास वैष्णव, फोटो क्रेडिट सोशल मीडिया

senani.in

काठमांडू

नेपाल में जनकपुर धाम स्थित जानकी मन्दिर के महंत रामतपेश्वर दास वैष्णव ने वहां के प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली द्वारा भगवान राम के जन्म स्थान के संबंध दिए गए विवादास्पद बयान का विरोध किया है।

साथ ही उन्होंने अयोध्या में 5 अगस्त को होने जा रहे राम मंदिर के शिलान्यास के अवसर पर जनकपुर के लोगों से दिवाली मनाने तथा भजन-कीर्तन करने की अपील की है।

यहां है माता सीता का भव्य मंदिर

नेपाल के जनकपुर धाम स्थित माता सीता का मंदिर, फोटो क्रेडिट – सोशल मीडिया

नेपाल के जनकपुर धाम में ही भगवान राम की ससुराल है। जनकपुर धाम में माता सीता का भव्य मंदिर है। रामतपेश्वर दास वैष्णव उसी मंदिर के महंत हैं।

इतिहास में हस्तक्षेप करना ठीक नहीं

नेपाल के जनकपुर धाम स्थित विवाह मंडप, जहां हुआ था माता सीता का स्वयंवर, फोटो क्रेडिट – सोशल मीडिया

वैष्णव ने ओली के बयान पर कहा कि व्यक्ति विशेष के चाहने से सामाजिक, सांस्कृतिक और मौलिक परम्पराएं बदल नहीं जाती हैं।

वैष्णव ने प्रधानमन्त्री ओली का नाम तो नहीं लिया, पर उनकी तरफ इशारा करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति का सामाजिक, सांस्कृतिक तथा मौलिक परम्परा के इतिहास में हस्तक्षेप करना ठीक नहीं है। सांस्कतिक तथा धार्मिक परम्परा के अनुसार ही सीता माता का घर जनकपुर और भगवान राम का घर भारत का अयोध्या है।

ये है मामला

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, फोटो क्रेडिट – सोशल मीडिया

नेपाल के प्रधानमन्त्री ओली ने कुछ हफ्ते पहले दावे के साथ कहा था कि भगवान राम का जन्म नेपाल के पर्सा ठोरी स्थित अयोध्यापुरी में हुआ था। इस पर नेपाल समेत पूरी दुनिया में ओली की निंदा हुई थी। प्रधानमन्त्री ओली की इस टिप्पणी से हिन्दू धर्मावलम्बी तथा साधु-सन्तों में बहुत रोष है।

मिट नहीं सकता इतिहास

नेपाल के जनकपुर धाम स्थित मंदिर में विराजमान भगवान राम और माता सीता का दरबार, फोटो क्रेडिट – सोशल मीडिया

वैष्णव ने सभी से आग्रह किया है कि आलोचना के नाम पर धर्म संस्कृति के विरुद्ध गलत सन्देश प्रसारित हो रहा है, जिसके प्रति सजग रहें। उन्होंने बताया कि जनकपुर धाम और अयोध्या के प्रगाढ़ संबंधों का इतिहास किसी के मिटाने से नहीं मिट सकता है। उन्होंने दावा किया कि कोई भी कुछ कर ले परन्तु अध्यात्म की रक्षा के सम्बन्ध में हमारे बीच अटूट सम्बन्ध हैं।

कोरोना खत्म होने के बाद मिथिला से निकलेगी अवध यात्रा

अयोध्या में भगवान श्री राम, फोटो क्रेडिट – सोशल मीडिया

अयोध्या में राम मन्दिर निर्माण होने जा रहा है। इस खुशी में वैष्णव ने सम्पूर्ण जनकपुरधाम वासियों से पांच अगस्त को दीपावली मनाने के लिए विशेष आग्रह किया है। महंत ने उस दिन राम स्तुति तथा भजन-कीर्तन करने के लिए भी सभी से आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण अयोध्या में राममन्दिर शिलान्यास तथा भूमि पूजन के अवसर पर जानकी मन्दिर का प्रतिनिधि सहभागी नहीं हो पाएगा, परन्तु हम अवधवासियों को ढेर सारी शुभकामनाएं दे रहे हैं। महामारी सामान्य होने के बाद मिथिला से अवध यात्रा निकलेगी और जनकपुर से विशेष ईंट राम मन्दिर निर्माण के लिए अयोध्या पहुंचाई जाएगी।

अयोध्या में बनेगा भव्य राम मंदिर, पीएम मोदी रखेंगे आधारशिला

अयोध्या में कुछ ऐसा होगा भगवान राम का मंदिर, प्रस्तावित मॉडल, हालांकि इसमें कुछ बदलाव किया गया है। फोटो क्रेडिट – सोशल मीडिया

इसी माह पांच अगस्त को अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर के लिए शिलान्यास होने जा रहा है। इसमें भारत के प्रधानमंत्री समेत देश-दुनिया की तमाम बड़ी हस्तियां जुटेंगी। मंदिर का निर्माण तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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