राजनीति के बाजीगर अमर सिंह सबको बना लेते थे अपना

जनवरी 27, 1956 : अगस्त 01, 2020

हाल में कहा था-टाइगर अभी जिंदा है, निधन से कुछ समय पहले ईद-उल-अजहा की दी थी बधाई

senani.in

डिजिटल डेस्क

राज्यसभा सदस्य और समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता अमर सिंह का 64 साल की आयु में शनिवार दोपहर बाद निधन हो गया।

वह काफी समय से बीमार चल रहे थे। करीब छह महीने से सिंगापुर के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। वह आईसीयू में थे और उनका परिवार वहीं था। इससे पहले, साल 2013 में अमर सिंह की किडनी खराब हो गई थी। सिंगापुर में ही उनकी किडनी ट्रांसप्लांट हुई थी।

सोशल मीडिया में अंतिम समय तक रहे सक्रिय

मृत्यु से पहले आज दिन में ही उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी थी। इसके अलावा ईद अल अजहा के मौके पर भी बधाई दी। वह बीमार होने के बावजूद सोशल मीडिया पर सक्रिय थे।

… टाइगर अब यादों में रहेगा जिंदा

अमर सिंह ने अस्पताल से 22 मार्च को ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया था। उसमें उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की थी कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का समर्थन करें।

2 मार्च को उन्होंने एक अन्य वीडियो संदेश पोस्ट करते हुए उन कयासों पर विराम लगाया था, जिसमें यह कहा जा रहा था कि वे इस दुनिया में नहीं रहे। वीडियो के साथ एक लाइन में उन्होंने संदेश लिखा था-टाइगर जिंदा है।

बना ली थी अपनी पार्टी

अमर सिंह ने समाजवादी पार्टी छोड़ने के बाद समाजवादी राष्ट्रीय लोकदल नाम से अपनी पार्टी बना ली थी। एक समय वह सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह के सबसे विश्वासपात्र माने जाते थे। उन्होंने 6 जनवरी 2010 को समाजवादी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था और बाद में उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।

विमान यात्रा के दौरान मुलायम से हुई थी मुलाकात

वर्ष 1996 में एक विमान यात्रा के दौरान अमर सिंह की तत्कालीन रक्षामंत्री मुलायम सिंह से मुलाकात हुई थी। इसके बाद वे राजनीति में आए। हालांकि, इससे पहले भी वह मुलायम सिंह से मिल चुके थे, लेकिन इस मुलाकात के बाद ही मुलायम सिंह ने उन्हें पार्टी का महासचिव बनाने का फैसला किया।

संन्यास के बाद फिर लौटे थे राजनीति में

समाजवादी पार्टी से राज्यसभा के सदस्य चुने गए अमर सिंह को कथित पारिवारिक विवाद के बाद पार्टी से निकाल दिया गया।
कहा जाता है कि उनको पार्टी से निकाले जाने में आजम खान की प्रमुख भूमिका रही। हालांकि, वर्ष 2010 में मुलायम सिंह ने भी इनको पार्टी से निकाल दिया था, जिसके बाद इन्होंने राजनीतिक जीवन से कुछ समय के लिए संन्यास भी ले लिया था। मगर साल 2016 में इनकी फिर समाजवादी पार्टी में वापसी हुई।

हर क्षेत्र में थी पकड़

अमर सिंह के बारे में कहा जाता था कि वह राजनीति, फिल्म और बिजनेस के कॉकटेल हैं। समाजवादी पार्टी में रहते उन्होंने इसे सिद्ध भी किया। कई बार ऐसे मौके आए जब पार्टी को उन्होंने अपनी राजनीतिक सूझ-बूझ से परेशानी से उबारा।

जया बच्चन को अमर सिंह ही लाए थे राजनीति में

जया बच्चन को राजनीति में लाने वाले अमर सिंह ही थे, लेकिन पार्टी से निष्कासन के समय बच्चन परिवार से इनकी दूरियां बढ़ गईं। कहा जाता है कि अमिताभ बच्चन के बुरे वक्त में अमर सिंह ने उनका साथ निभाया था।

अलीगढ़ में हुआ था जन्म

अमर सिंह का जन्म उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में 27 जनवरी 1956 में हुआ। उनकी दो बेटियां हैं। वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के रहने वाले थे।

सपा से दो बार निष्कासन

अमर सिंह को अखिलेश यादव ने 2017 में पार्टी से निकाल दिया था। इससे पहले उन्हें 2010 में पार्टी से निकाला गया था।

अमिताभ के करीबी दोस्त

अमिताभ बच्चन और उनके परिवार से भी अमर सिंह के बेहद करीबी रिश्ते रहे। पिछले कुछ वर्षों में इनके रिश्तों में खटास जरूर आई थी। इस साल फरवरी में अमर ने एक वीडियो जारी करके अमिताभ से माफी भी मांगी थी।

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