आपके किचन में ही मौजूद हैं कोरोना से लड़ने के हथियार, रोजाना थोड़ा-थोड़ा करें इस्तेमाल

शैलेश त्रिपाठी ‘शैल’

भारतीय भोजन दुनिया के अन्य हिस्सों के मुकाबले होता है ज्यादा पौष्टिक, इसकी सबसे बड़ी वजह हैं इसमें इस्तेमाल होने वाले मसाले

हमारे यहां खाने में डाले जाने वाले ज्यादातर मसालों में होते हैं औषधीय और आयुर्वेदिक गुण, इनसे भोजन बन जाता है स्वादिष्ट और खुशबूदार

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@ शैलेश त्रिपाठी ‘शैल’

कोरोना काल में सामान्य फ्लू के लक्षण देखते ही देखते कोविड-19 में तब्दील हो जा रहे हैं। ऐसे में हर कोई खुद को इस महामारी से असुरक्षित महसूस कर रहा है। लेकिन, घबराने की जरूरत नहीं है। जरूरत है तो बस इम्युनिटी यानी अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की।

प्रतिरोधक क्षमता मजबूत तो कोरोना दूर

अगर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहेगी तो कोरोना आपको छू भी नहीं सकेगा। सबसे खास बात ये है कि प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का नुस्खा आपके घर में या यूं कहें कि आपके किचन में ही मसालों और गमलों में लगाए जाने वाले तुलसी जैसे औषधीय पौधों के रूप में मौजूद है। बस जरूरत है आप जानें कि कौन सी सामग्री किस बीमारी से बचाएगी।

भारत में कम मृत्यु का कारण भी है हमारी खान-पान

और हां, आपको बता दें कि अगर भारत में कोरोना से मौतों का दर कम है तो उसका भी प्रमुख कारण हम भारतीयों का खान-पान है, जिसमें हम मसालों का भरपूर उपयोग करते हैं। तो आइए जानते हैं कि कौन सा मसाला हमें किस बीमारी से बचाता है।

हल्दी

हल्‍दी भारत के लगभग सभी व्‍यंजनों में इस्‍तेमाल की जाती है। हल्‍दी में पाया जाने वाला करक्युमिन नामक तत्‍व कैंसर को फैलने से और टाइप-2 डायबिटीज को रोकने में मदद करता है। इसके इस्तेमाल से त्‍वचा संबंधी रोग भी दूर होते हैं। इसके अलावा घाव या कटे पर हल्दी लगाने से काफी आराम मिलता है।

तुलसी

एलर्जी, सर्दी-जुकाम और नाक के रास्ते होने वाले संक्रमण को रोकने में तुलसी का अहम रोल है। आपको बता दें कि कोरोना नाक के रास्ते भी शरीर में पहुंचता है। इसी कारण से सभी जानकार मास्क लगाने पर जोर दे रहे हैं। ऐसे में कोरोना से जंग में तुलसी की भूमिका बढ़ गई है। तुलसी सभी उम्र के लोगों लिए हितकर है।

अदरक

अदरक सूजन रोधी होता है। इसके सेवन से सर्दी-जुकाम में आराम मिलता है। हम चाय और सब्जी में इसका उपयोग करते हैं।

-गैस और पेट में जलन की समस्या से पीड़ित लोग अदरक के सेवन से बचें।

काली मिर्च

पाउडर फॉर्म में इसको शहद से लेने पर यह जमे कफ को बाहर निकालता है। इससे सांस लेने में तकलीफ की समस्या भी दूर होती है।

जीरा

स्किन संबंधी समस्याओं में जीरे का सेवन बेहद फायदेमंद है। इसके अलावा इसके सेवन से मोटापे की समस्या से छुटकारा मिलता है। साथ ही यह वजन कम करता है और इससे कब्ज की समस्या भी दूर होती है।

जीरा के अन्य फायदे

1. पेट साफ करता है जीरा
2. दिल के लिए भी है लाभकारी
3. शरीर से कोलेस्ट्रॉल भी कम करता है

4.अत्यधिक नींद से बचाता है

तेजपत्ता

1. बेजान बालों में जान डालता है। बालों में चमक भी बढ़ाता है।

2. दांतों का पीलापन भी दूर करता है जीरा

दालचीनी

दालचीनी पेट साफ कर पाचन क्रिया बनाता है मजबूत।
इसके अलावा यह मधुमेह और हृदय रोगियों के लिए रामबाण है। यह शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाकर चेहरे और त्वचा की चमक को बढ़ाता है। साथ ही त्वचा संबंधी बीमारियों में भी लाभ पहुंचाता है।

लौंग

लौंग कैंसर रोधी गुणों से युक्त है। इसके अलावा यह लिवर और शुगर में भी फायदेमंद है। जिनको शरीर में सूजन संबंधी समस्या हो, उनको भी फायदा पहुंचाता है।

मिर्च

मिर्च में मौजूद कैप्‍सेसिन नामक तत्‍व शरीर के मैटाबॉलिज्म को तेज करता है। इससे शरीर की कैलरीज ज्यादा खर्च होने लगती हैं, जिससे शरीर का वजन अधिक नहीं बढ़ता है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सिडेंट्स कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मदद करते हैं।

जायफल

जायफल में एंटी-बैक्‍‍टीरियल तत्‍व होने के साथ ही इसमें मिनरल, पोटेशियम, कैल्‍शियम, आयरन और मैगनीशियम भी पाया जाता है। इसके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। जायफल के इस्तेमाल से त्वचा पर पड़ने वाली झाइयों से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है।

अजवायन

अजवायन रुचिकारक एवं पाचक होती है। यह भूख और पाचन शक्ति को बढ़ाकर पेट संबंधी अनेक रोगों जैसे-गैस, अपच, कब्ज आदि को दूर करने में सहायक होती है। साथ ही अजवायन डायबिटीज रोगी को फंगल इंफेक्शन से भी बचाती है।

(लेखक पंडित खुशीलाल शर्मा गवर्नमेंट ऑटोनोमस आयुर्वेदिक कॉलेज, भोपाल में अध्ययनरत हैं)

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