किडनी की बीमारी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में खान-पान में लापरवाही और अनियमित दिनचर्या किडनी की सेहत कर रही खराब

भारत में हर साल दो लाख नए लोगों को किडनी रोग होता है, शुरुआत में इस बीमारी को पकड़ पाना मुश्किल है, क्योंकि दोनों किडनी 60 प्रतिशत खराब होने पर ही मरीज को इसकी हो पाती है जानकारी

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@ शैलेश त्रिपाठी ‘शैल’

आज के लेख में हम किडनी (गुर्दा) में होने वाली विभिन्न बीमारियों पर चर्चा करेंगे। आइए जानते हैं किडनी क्या हैं, कहां होती हैं और कैसे काम करती हैं तथा इनमें कौन से रोग हो सकते हैं।

किडनी हमारे शरीर के बीचोंबीच कमर के पास होती हैं। शरीर में दो किडनियां होती हैं। अगर हमारी एक किडनी खराब हो जाती है तो भी शरीर का काम चलता रहता है और पता भी नहीं चलता है।

किडनी के काम

यह हमारे शरीर में प्रतिदिन इकट्ठा होने वाले मेटाबॉलिक कचरे को खून से छानकर अलग करने का कार्य करती हैं। साथ ही मूत्र द्वारा इस कचरे को बाहर निकाल देता हैं।

काम का तरीका

किडनी की कार्यप्रणाली में बहुत सारी धमनियों और एंजाइम का रोल होता है। इनमें से किसी में भी गड़बड़ी किडनी को खराब कर सकती है। कई धमनियों से लाया गया खून किडनी के नेफ्रॉन द्वारा छाना जाता है। काम की चीजें किडनी के कई हिस्सों में वापस समा जाती हैं। बेकार की चीजें वापस किडनी के फिल्टर में डाल दी जाती हैं। कई चरणों से गुजरते हुए ये बेकार की चीजें अंततः मूत्राशय से मूत्र मार्ग द्वारा बाहर हो जाती हैं।

किडनी की बीमारी बढ़ा रहीं ये चीजें

  1. ज्यादा शराब का सेवन
  2. ज्यादा चीनी का सेवन
  3. तम्बाकू, सिगरेट की लत
  4. बढ़ता पेन किलर का प्रचलन
  5. फास्ट और प्रोसेस्ड फूड
  6. हार्ड ड्रिंक (फास्फोरस rich) का सेवन
  7. आर्टिफिशियल प्रोटीन (for body build)
  8. अनियमित दिनचर्या
  9. सोने-जागने के चक्र में परिवर्तन
  10. पानी के पीने की मात्रा में कमी

रोग जो किडनी को प्रभावित करते हैं

  1. डायबिटीज
  2. उच्च रक्तचाप
  3. यूरिनरी के रास्ते इंफेक्शन और पथरी
  4. परिवार में किसी को किडनी रोग होना

किडनी रोग के लक्षण

  1. आंखों में सूजन
  2. हाथ-पैरों में सूजन
  3. सांस फूलने की समस्या
  4. त्वचा में खुजली
  5. मुंह का स्वाद बिगड़ना
  6. मुंह से दुर्गंध
  7. वजन कम होना
  8. नींद न आना
  9. मांसपेशी में कमजोरी, मरोड़ और ऐंठन
  10. त्वचा में भूरे-पीले दाग
  11. पेशाब में गड़बड़ी
  12. थकान
  13. भूख न लगना
  14. प्यास बहुत लगना
  15. शरीर में पानी जमाव के लक्षण
  16. उल्टी
  17. त्वचा में सूखपन

जिनको यह बीमारी होने का खतरा ज्यादा है

  1. वृद्ध
  2. मोटापे से ग्रस्त लोग
  3. सिगरेट का सेवन करने वाले
  4. लिवर के मरीज
  5. हृदय रोगी
  6. उच्च रक्तचाप
  7. डायबिटीज के मरीज

ऐसे करें बचाव

  1. हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें
  2. शराब और सिगरेट का करें पूर्णतः निषेध
  3. योग और आयुर्वेद को जीवन शैली में शामिल करें
  4. समय-समय पर चिकित्सीय परामर्श
  5. तनाव से बचें
  6. मीठे, नमक और वसायुक्त भोजन से बचें
  7. नित्य व्यायाम करें
  8. समय से सोएं और जागें
  9. पेनकिलर, एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग बिना डॉक्टर की अनुमति न करें

…तो डॉक्टर से करें संपर्क

कोई भी लक्षण जो ऊपर बताए गए हैं, आपके शरीर में दिखें तो नजदीकी अस्पताल में जरूर दिखाएं। समय पर इलाज से किडनी को नुकसान से बचाया जा सकता है।

(लेखक पंडित खुशीलाल शर्मा गवर्नमेंट ऑटोनोमस आयुर्वेदिक कॉलेज, भोपाल में अध्ययनरत हैं)

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