Hariyali Teej 2020 : जानिए कब है हरियाली तीज, किस मुहूर्त में पूजा से आशीर्वाद बरसाएंगे शिव-पार्वतीजी

पति की लंबी आयु और संतान के मंगलमय जीवन के लिए माता पार्वती तथा भगवान भोलेनाथ की आराधना करती हैं महिलाएं

senani.in

डिजिटल डेस्क

श्रावण मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज मनाई जाती है। यह हरियाली तीज व्रत सुहागन माताओं के लिए प्रसिद्ध है। इस बार हरियाली तीज 23 जुलाई को मनाई जाएगी।

हरियाली तीज के दिन मिथिलांचल, बंगाल, ओडिशा, नेपाल, आसाम आदि क्षेत्रों में मधुश्रावणी भी मनाई जाती है।

ये है मान्यता

जमशेदपुर से महान ज्योतिषी आचार्य डॉ सुधानंद झा कहते हैं कि माता पार्वती ने शिवजी को पति रूप में प्राप्त करने के लिए 107 बार जन्म लिया था, किंतु भगवान शिव से उनका विवाह नहीं हो सका।

जब 108वीं बार पर्वतराज हिमालय के घर में पार्वती के रूप में जन्म लिया तो उन्होंने शिवजी को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की। उनकी तपस्या से भगवान भोलेनाथ अपनी योग मुद्रा से बाहर निकले और माता पार्वती को आशीर्वाद देने आए। जिस दिन भोलेनाथ ने उन्हें दर्शन दिया, उसी दिन से ये व्रत किया जा रहा है। उसी दिन से सभी सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु तथा बाल-बच्चों के मंगलमय जीवन के लिए माता पार्वती और भगवान भोलेनाथ की आराधना करती हैं तथा हरियाली तीज मनाती हैं।

ऐसे करें व्रत

हरियाली तीज श्रावण मास शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है, जबकि हरितालिका तीज व्रत भादो मास शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है।

दोनों भिन्न-भिन्न व्रत हैं, किंतु दोनों ही व्रतों में पति की लंबी आयु, सुखद दांपत्य जीवन, सपरिवार मंगलमय जीवन के लिए तथा अखंड सुहाग की कामना की जाती है।

हरियाली तीज में दिनभर व्रत किया जाता है। संभव हो तो निर्जला व्रत किया जाता है। संभव नहीं हो तो एक बार पानी पी सकती हैं। हर काम करते हुए माता पार्वती और भगवान भोलेनाथ का ध्यान करते रहिए। रात में माता पार्वती और शिव जी का जागरण और आराधना करें। सूर्यास्त के बाद पास के मंदिर या घर में शिवलिंग की पूजा कीजिए।

इस बार घर पर पूजा ही श्रेयकर

आचार्य कहते हैं कि इस बार कोरोना का प्रकोप है। इसलिए कृपया मंदिर में न जाएं। सामूहिक रूप से पूजा न करें। व्यक्तिगत पूजा कीजिए। जैसे तीज व्रत में भादो में पूजा करते हैं। ठीक उसी प्रकार हरियाली तीज में भी पूजा की जाती है।

हरियाली और हरितालिका तीज में अंतर

कहा जाता है कि श्रावण मास के शुक्ल पक्ष को भगवान भोलेनाथ ने तृतीया तिथि के प्रदोष काल में माता पार्वती को दर्शन दिया था और उसके एक माह बाद भादो मास शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को उन्होंने विवाह के लिए हां किया था। इसीलिए दोनों व्रतों का समान महत्व है। श्रावण शुक्ल पक्ष हरियाली तीज का भी और भाद्र शुक्ल पक्ष हरतालिका तीज व्रत का भी।

भाई की लाई मेहंदी लगाने की परंपरा

हरियाली तीज के दिन मेहंदी अवश्य लगाई जाती है। श्रावण महीने में भाई के लिए मेहंदी लगाई जाती है। हर बहन अपने भाई के लिए मेहंदी लगाती है और हरियाली तीज के दिन भाई अपनी बहन के सुखद भविष्य के लिए मेहंदी लाकर देता है। अगर बहन विवाहित है तो उसके सुखद दांपत्य जीवन के लिए मेहंदी देता है। अगर बहन का विवाह नहीं हुआ है तो उसके अच्छे भविष्य के लिए भाई मेहंदी लाकर देता है कि बहन का विवाह अच्छे घर में हो। यही हरियाली तीज का महत्व है।

मां पार्वती को समर्पित की जाती हैं सुहाग की वस्तुएं

आचार्य के अनुसार इस दिन सुहाग की वस्तुएं माता पार्वती को समर्पित की जाती हैं। इसके बाद वह सुहाग की वस्तु या तो स्वयं पहनिए या अपने परिवार की किसी सुहागन को दीजिए। व्रत के बाद अपने परिवार की बड़ी स्त्री सदस्य को पैर छूकर प्रणाम करना चाहिए। अगर वह सुहागन है तो सुहाग की सामग्री दीजिए। सुहाग का सामान देने और लेने, दोनों से लाभ होता है।

इसलिए हरियाली तीज पड़ा नाम

इस व्रत का नाम हरियाली तीज इसीलिए है क्योंकि श्रावण महीने में चारों ओर हरियाली होती है। इसलिए इस व्रत का नाम हरियाली तीज है। मधुश्रावणी या हरियाली तीज में मायके का वस्त्र पहनना चाहिए। अगर मायके में हैं तो ससुराल का वस्त्र पहनना चाहिए। मधुश्रावणी व्रत हो या हरियाली तीज, दोनों अखंड सुहाग के लिए किया जाता है।

पूजा का शुभ मुहूर्त

आचार्य डॉ सुधानंद झा कहते हैं कि हरियाली तीज पर पूजा का शुभ मुहूर्त सायंकाल छह बजकर 5 मिनट से पूरी रात्रि तक है। इस तरह 23 जुलाई को रातभर हरियाली तीज की पूजा होगी।

One comment

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s