श्रावण मास के पर्व, त्योहार और व्रत

पवित्र सावन मास का आधा महीना अभी शेष, महत्वपूर्ण तिथियों पर पूजा-पाठ कर जीवन को बनाएं धन्य

senani.in

डिजिटल डेस्क

पवित्र सावन का आधा महीना बीतने को है। सावन के दो सोमवार और प्रदोष व्रत मनाया जा चुका है।

ऐसे में हम बताने जा रहे हैं कि सावन माह में अब कौन-कौन सी महत्वपूर्ण तिथियां और व्रत शेष हैं, जिनमें पूजा-पाठ करके पुण्य कमाया जा सकता है।

ज्योतिषाचार्य सुधानंद झा जी के अनुसार सावन मास के शेष व्रत और त्योहार निम्न हैं।

-19 जुलाई, रविवार : प्रदोष चतुर्दशी

-20 जुलाई, सोमवार : सोमवती अमावस्या अर्थात सोमवारी व्रत

-21 जुलाई, मंगलवार : मंगला गौरी व्रत पूजा और मंगल व्रत

-23 जुलाई, गुरुवार : मिथिला, नेपाल, बंगाल में प्रसिद्ध मधुश्रावणी व्रत पूजा

-24 जुलाई, शुक्रवार : गणेश चतुर्थी व्रत

-25 जुलाई, शनिवार : नागपंचमी पूजा

-27 जुलाई, सोमवार : संत तुलसीदास जयंती

-30 जुलाई, गुरुवार : पुत्रदा एकादशी व्रत

-01 अगस्त, शनिवार : प्रदोष त्रयोदशी व्रत

-02 अगस्त, रविवार : प्रदोष चतुर्दशी व्रत

-03 अगस्त, सोमवार : रक्षाबंधन एवं श्रावण पूर्णिमा

ये भी जानें

-एक अगस्त, शनिवार को शनि प्रदोष पड़ रहा है। इस अवसर पर पूजा बहुत ही महान फलदायी साबित होगी।

-जिनके विवाह नहीं हो पा रहे हैं, वैसे वर और कन्या श्रावण मास शुक्ल पक्ष के दोनों मंगलवार (21 जुलाई और 28 जुलाई) को मंगलागौरी जी की आराधना करें। मंगलागौरी मंदिर गया में है, जिसकी स्थापना माता जानकी जी ने की थी। भगवान श्रीराम जी को पति रूप में प्राप्त करने के लिए माता जानकी जी ने इसी मंगलागौरी भगवती की आराधना की थी।

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