दक्षिण चीन सागर ड्रैगन का साम्राज्य नहीं : अमेरिका

पड़ोसियों को डराने-धमकाने के चीन के दिन लदे, अमेरिका ने खोला ड्रैगन के खिलाफ एक और मोर्चा

senani.in

डिजिटल डेस्क

अमेरिका के ट्रम्प प्रशासन ने दक्षिण चीन सागर में चीन के क्षेत्रीय दावे को साफ-साफ खारिज कर दिया है।

ट्रम्प प्रशासन का कहना है कि चीन के पास इस समुद्री क्षेत्र में अपनी इच्छा मनमाने तरीके से थोपने का कोई कानूनी आधार नहीं है। अमेरिका का कहना है कि दुनिया को हड़पने के चीन के नजरिए की 21वीं सदी में कोई जगह नहीं है। ड्रैगन को चेत जाना चाहिए कि दक्षिण चीन सागर उसकी अपनी जागीर नहीं है। उसे ऐसी सोच से बाज आना चाहिए।

अमेरिका अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ ने नीति संबंधी बड़ी घोषणा करते हुए कहा-‘दुनिया बीजिंग को इस बात की अनुमति नहीं देगी कि वह दक्षिण चीन सागर को अपना समुद्री साम्राज्य समझे। अपतटीय संसाधनों पर अपने दक्षिण पूर्वी एशियाई सहयोगियों और साझीदारों के सम्प्रभु अधिकारों की रक्षा करने के लिए अमेरिका उनके साथ खड़ा है। उनके ये अधिकार अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत उनके अधिकारों एवं दायित्वों के अनुरूप हैं।’ अमेरिका ने कहा कि वह समुद्रों की सुरक्षा और सम्प्रभुता के सम्मान की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ खड़ा है और दक्षिण चीन सागर एवं वृहद क्षेत्र में ‘ताकतवर की हर चीज जायज’ होने की बात खारिज करता है।

चीन बोला-विवाद पैदा करने की कोशिश

चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने अमेरिका की इस चेतावनी पर कहा कि दक्षिण चीन सागर पर अमेरिकी बयान में तथ्यों के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई है और इलाके की स्थिति को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। ये चीन व अन्य देशों के बीच विवाद पैदा करने की कोशिश है और हम इसका कड़ा विरोध करते हैं।

ये है विवाद

दक्षिण चीन सागर में चीन का वियतनाम, इंडोनेशिया, मलेशिया, ब्रुनेई, फिलीपींस और ताइवान से विवाद है। नाइन-डैश-लाइन के नाम से पहचाने जाने वाले इलाके पर चीन अपना दावा पेश करता रहा है और अपने दावों को मजबूत करने के लिए इस क्षेत्र में कृत्रिम द्वीप बना रहा है। चीन ने पिछले कुछ समय से अपनी नौसेना की मौजूदगी भी इन इलाकों में बढ़ा दी है, जिससे दक्षिण चीन सागर में तनाव और बढ़ गया है।

अमेरिका का दावा

-चीन गैर-कानूनी तरीके से समुद्री क्षेत्र में दावा नहीं कर सकता है, चाहे वह स्कारबरो रीफ हो या स्पार्टली द्वीप में विशेष आर्थिक क्षेत्र।

-अमेरिका स्पार्टली द्वीप में 12 नॉटिकल मील से ज्यादा के समुद्री क्षेत्र पर चीन के दावे को खारिज करता है।

-मलेशिया से 50 नॉटिकल मील की दूरी पर और चीन के समुद्री तट से 1000 नॉटिकल मील की दूरी पर स्थित जेम्स शोल पर भी चीन का दावा गैर-कानूनी है।

-दक्षिण चीन सागर में तमाम संसाधनों पर चीन का दावा उतना ही गैर-कानूनी है, जितना इन इलाकों पर नियंत्रण करने के लिए देशों को डराने-धमकाने का उसका अभियान।

-अमेरिका अंतरराष्ट्रीय नियमों के दायरे में समुद्री क्षेत्र में बेरोक-टोक व्यापार जारी रखने के पक्ष में है और सैन्य बल या धमकी से विवादों के समाधान की कोशिश का विरोध करता है।

-बीजिंग दक्षिण चीन सागर में दक्षिण-पूर्वी देशों की संप्रभुता को कमजोर करने के लिए ताकत का इस्तेमाल करता है। उनके संसाधनों पर अधिकार छोड़ने के लिए डराता-धमकाता है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों को दरकिनार करते हुए एकतरफा कब्जा करता है।

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