टैक्स गुरु : कैश को कहिए बाय-बाय

नकदी का इस्तेमाल कम करने के लिए नियमों में बदलाव-अब कोई व्यक्ति एक या कई खातों से नकद निकालता है तो उसे दो प्रतिशत भरना होगा टीडीएस, एक जुलाई से लागू हो गई व्यवस्था

senani.in

@ अजय कुमार गुप्ता

देश में नकद लेनदेन को हतोत्साहित करने और कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं। यह बदलाव एक जुलाई 2020 से लागू हो गए हैं।

इसके तहत एक बैंक/डाकघर खाते/खातों से एक करोड़ रुपये से ज्यादा की नकद निकासी पर दो प्रतिशत की दर से टीडीएस लगेगा।

सेक्शन 194 एन को अब वित्त विधेयक 2020 के अनुच्छेद 83 ए द्वारा संशोधित किया गया है। लोकसभा में वित्त विधेयक 2020 पारित होने के बाद पहली जुलाई 2020 से यह संशोधन प्रभावी हो गया है।

नए नियम में ये हैं प्रावधान

194 एन में यह व्यवस्था है कि वित्त वर्ष 2020-21 से यदि कोई व्यक्ति एक या कई खातों (को-आपरेटिव बैंक और पोस्ट आफिस भी शामिल है) से नकद निकालता है तो उसे दो प्रतिशत टीडीएस भरना होगा।

194 एन की महत्त्वपूर्ण बातें निम्नवत हैं-

  1. व्यक्ति : दो श्रेणियां

इसमें व्यवस्था है कि समय पर रिटर्न दाखिल करने वाले की थ्रेसहोलड लिमिट एक करोड़ रुपये होगी। लेकिन, अगर किसी ने पिछले तीन आकलन वर्ष के लिए आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है और यू/एस 139 (1) आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा समाप्त हो गई है तो थ्रेसहोल्ड लिमिट एक करोड़ रुपये से घटकर 20 लाख रुपये हो जाएगी।

टीडीएस दर निम्न होगी-

(अ) 20 लाख से एक करोड़ तक दो प्रतिशत
(ब) एक करोड़ से ऊपर पांच प्रतिशत

  1. नकद निकासी खाते

यह सेक्शन बैंक खातों (को-आपरेटिव बैंक और पोस्ट आफिस भी शामिल) से कैश निकासी में लागू होगा।

  1. बैंकवार थ्रेसहोल्ड लिमिट

एक करोड़ रुपये की सीमा ब्रांचवार नहीं बैंकवार लागू होगी। बैंकों द्वारा कोर बैंकिंग सोल्यूशन लागू करने के कारण यह संभव है।

  1. सभी एकाउंट्स मिलाकर

यह व्यवस्था एक वित्तीय वर्ष में एक या अधिक खातों से एक करोड़ रुपये से अधिक की कुल नकद राशि निकासी पर लागू होगी। दूसरे शब्दों में एक व्यक्ति द्वारा कुल नकद निकासी चाहे बचत खाते, करेंट एकाउंट, कैश क्रेडिट एकाउंट ओवर ड्राफ्ट आदि से हो, की कुल थ्रेसहोलड लिमिट एक करोड़ रुपये होगी (जैसा मामला होगा)।

  1. अपवाद

यह व्यवस्था उन सभी खाताधारकों पर लागू होगी, चाहे वो व्यक्तिगत, एचयूएफ, कम्पनी आदि कोई भी हों (सरकार, बैंक, सर्वाधिक लेबल एटीएम चलाने वालों को छोड़कर) जो एक साल में एक करोड़ रुपये से ज्यादा नकद राशि निकलते हों। भले वे आयकर रिटर्न भरें हों या नहीं।

  1. कुछ नान फिलर केसेज में नकद निकासी पर टीडीएस दर दो प्रतिशत और पांच प्रतिशत होगी।
  2. नकद निकासी का मकसद अप्रासंगिक है, चाहे व्यवसाय हो या व्यक्तिगत।

सेक्शन 194 एन के अंतर्गत कब कर कटौती की जरूरत नहीं होगी?

निम्नलिखित प्राप्तकर्ताओं द्वारा नकद निकासी पर टैक्स कटौती नहीं होगी।

  1. सरकार
  2. बैंकिंग कम्पनी
  3. को-आपरेटिव बैंक
  4. रिजर्व बैंक द्वारा अधिकृत बैंक का कोई बिजनेस करेस्पांडेंट
  5. रिजर्व बैंक द्वारा अधिकृत कोई भी ह्वाइट लेबल आटोमेटेड टेलर मशीन आपरेटर
  6. केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को तय कर सकती है।

# (बिजनेस हेड, आस वेल्थ मैनेजमेंट)

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