हांगकांग में नहीं चलेगी चीन की मनमानी, अमेरिका और ब्रिटेन आए आगे

नया सुरक्षा कानून थोपे जाने पर भड़के हांगकांग के लोग, हर जगह विरोध-प्रदर्शन, पश्चिमी देशों में भी उठे विरोध के स्वर

senani.in

डिजिटल डेस्क

चीन द्वारा नया सुरक्षा कानून थोपे जाने के बाद हांगकांग में विरोध प्रदर्शन जोरों पर है।

चीन की ओर से लागू किए गए इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सुरक्षा बल कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं। इस कार्रवाई में करीब 400 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उधर, अंतरराष्ट्रीय मंच पर कई देशों ने चीन का खुलकर विरोध करना शुरू कर दिया है।

चीन पर समझौते के उल्लंघन का आरोप

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने चीन पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए हांगकांग के लोगों को ब्रिटेन की नागरिकता देने को कहा है। इस पर चीन ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि ब्रिटेन को हांगकांग के लोगों को नागरिकता देने का कोई अधिकार नहीं। वह ब्रिटिश सरकार को हांगकांग के लोगों को नागरिकता नहीं देने देगा। इसके लिए जो भी जरूरी कदम होंगे, वह उठाने में हिचकेगा नहीं।

स्वतंत्रता छीनने की कोशिश : ब्रिटेन

ब्रिटिश पीएम जॉनसन का कहना है कि नए सुरक्षा कानून के जरिए हांगकाग की स्वतंत्रता को छीना जा रहा है। इससे प्रभावित लोगों को हम ब्रिटिश नेशनल ओवरसीज स्टेटस के जरिए ब्रिटिश नागरिकता देंगे।

साढ़े तीन लाख लोगों को ब्रिटिश नागरिकता

हांगकाग के लगभग साढ़े तीन लाख लोगों को पहले से ही ब्रिटिश नागरिकता प्राप्त है, जबकि 26 लाख अन्य लोग भी इस कानून के तहत ब्रिटिश नागरिकता पाने के हकदार हैं। ब्रिटेन का प्रस्ताव एक नए सुरक्षा कानून के जवाब में आया है, जिसे चीन ने इस सप्ताह पूर्व ब्रिटिश क्षेत्र हांगकांग के लिए लागू किया था।

अमेरिकी संसद में कानून पारित

इस बीच, अमेरिकी संसद ने उस विधेयक को मंजूरी दे दी, जिससे चीन को हांगकांग में कानून लागू करने को लेकर जवाब दिया जा सके। ये उन समूहों पर प्रतिबंध लगाएगा, जो हांगकांग की स्वयत्तता को चोट पहुंचा रहे हैं और लोगों का आजादी छीन रहे हैं।

ये है मामला

वर्ष 1997 में चीन के हाथों में सौंपे जाने से पहले हांगकांग ब्रिटेन के अधिकार क्षेत्र में था। उसे इस गारंटी के साथ चीन को सौंपा गया था कि हांगकांग की न्यायिक और विधायी स्वायत्तता को 50 वर्षों तक संरक्षित रखा जाएगा। चीन ने भी कहा था कि हांगकांग को अगले 50 वर्षों तक विदेश और रक्षा मामलों को छोड़कर सभी तरह की आजादी हासिल होगी। बाद में चीन ने एक समझौते के तहत इसे विशेष प्रशासनिक क्षेत्र बना दिया था।

मानवाधिकारों का भी हो रहा उल्लंघन

ब्रिटेन के विदेश सचिव डोमेनिक राब ने कहा है कि हांगकांग में स्वतंत्रता और मानवाधिकारों का उल्लंघन गंभीर मुद्दा है। ब्रिटेन ने हांगकांग के वाणिज्यिक दूतावास के पूर्व कर्मचारी साइमन चेंग को शरण दी है, जिसने आरोप लगाया था कि चीन में उसे यातना दी गई थी।

चीन के नए कानून में ये हैं प्रावधान

हांगकांग में चीन द्वारा लागू किए गए विवादित राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र समर्थकों पर लगाम लगाना और उनके खिलाफ कार्रवाई करना है। कानून के अनुच्छेद 38 के तहत यह उन अपराधों पर लागू होगा, जो क्षेत्र के बाहर से हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र में एक ऐसे व्यक्ति द्वारा किए गए हैं, जो क्षेत्र का स्थायी निवासी नहीं है। यह नया कानून बीजिंग को हांगकांग में जांच, मुकदमा चलाने और दंडित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार देता है।

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